West Bengal

School में विद्यार्थियों को शारीरिक या मानसिक दंड पर होगी कार्रवाई, राजनीतिक कार्यक्रम में भागीदारी नहीं

स्कूल शिक्षा विभाग कमिश्नर ने सख्ती से नियम पालन का दिया निर्देश

बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता :( West Bengal Education News ) विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षा कर्मी विद्यार्थियों को किसी तरह का शारीरिक दंड या मानसिक प्रताड़ना नहीं कर सकते हैं। इस नियम को लेकर राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग कमिश्नर ने सभी जिलों के डीआई और डीपीएससी चेयरमैन को फिर आगाह किया है।  बीते 23 अगस्त को नये सिरे से यह निर्देश जारी किये गये है। इसके साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल के समय बच्चे किसी राजनीतिक कार्यक्रम में भागीदारी नहीं कर सकते हैं। उपर्युक्त के संदर्भ में, इस विषय पर निर्देश विभाग द्वारा 11 जनवरी 2023 को संख्या 19-एससी/एचएस द्वारा जारी किए गए थे।

इस निर्देश में कहा गया है कि बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17 के प्रावधान की ओर फिर से ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिसे अधिसूचना संख्या 09एसई(एस).-एसएल/5एस-116/10 दिनांक 6 जनवरी, 2011 के साथ पढ़ा जाता है, जो शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न को प्रतिबंधित करता है।  स्कूल में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार न हो।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति, स्थायीकरण, आचरण और अनुशासन) नियम, 2018 के नियम 4 के उप नियम 16 के तहत बच्चों/छात्रों को कोई भी दंड नहीं दिया जा सकता है जो किसी भी कानून के तहत वर्जित है।

इन प्रावधानों को फिर से व्यापक रूप से प्रसारित किया जाना चाहिए और प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और अन्य लोगों के ध्यान में लाया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए और किसी भी परिस्थिति में स्कूलों में बच्चों/छात्रों को कोई शारीरिक यातना/दंड या मानसिक उत्पीड़न न हो। इसके अलावा, पहले के आदेशों को दोहराते हुए, यह कहा गया है कि स्कूली बच्चों को स्कूल के समय के दौरान राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।इनका सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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