बीजेपी नेता कृष्णा प्रसाद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आदिवासियों का थाना घेराव
बंगाल मिरर, आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद के खिलाफ एक आदिवासी महिला के कथित उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर रविवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। तृणमूल कांग्रेस के पार्षद श्याम सोरेन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों ने आसनसोल उत्तर थाने का घेराव किया और आरोपी नेता की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।















क्या है पूरा मामला?
टीएमसी पार्षद श्याम सोरेन के अनुसार, यह घटना आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 13 के सालडांगा इलाके की है। आरोप है कि भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद ने एक आदिवासी महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया और अवैध रूप से उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। पीड़ित महिला ने इस संबंध में 19 जनवरी को ही आसनसोल उत्तर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
पारंपरिक हथियारों के साथ प्रदर्शन
पुलिस की कथित निष्क्रियता से नाराज होकर रविवार को आदिवासी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं, अपने पारंपरिक हथियारों के साथ विरोध मार्च निकालते हुए थाने पहुंचे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण इलाके में काफी तनाव देखा गया, जिसे देखते हुए प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया।
भाजपा नेता का पलटवार:
कृष्णा प्रसाद का कहना है कि”यह मलय घटक की साजिश है”वहीं, दूसरी ओर भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे राज्य के कानून और श्रम मंत्री मलय घटक और तृणमूल कांग्रेस की एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया। कृष्णा प्रसाद का कहना है कि:वे हमेशा से आदिवासी समाज के साथ रहे हैं और उनके हित में काम करते आए हैं।जिस ‘कंबल वितरण कार्यक्रम’ का जिक्र किया जा रहा है, उसकी पूरी CCTV फुटेज उनके पास मौजूद है।फुटेज देखने पर यह साफ हो जाएगा कि उन्हें राजनीतिक रूप से फंसाने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता इस “साजिश” का जवाब देगी।पुलिस की कार्रवाईआसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे


