Asansol मेयर के चेम्बर से हटा ममता बनर्जी की फोटो, BJP कार्यकर्ताओं ने लगाई मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी, पीएम मोदी और राष्ट्रपति की तस्वीर, बदला सियासी संदेश!
बंगाल मिरर, आसनसोल : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब उसका असर सरकारी दफ्तरों में भी साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को आसनसोल नगर निगम में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब मेयर विधान उपाध्याय के चेम्बर से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर हटा दी गई। उनकी जगह राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू की तस्वीरें लगा दी गईं।इस घटनाक्रम को लेकर पूरे निगम परिसर में चर्चा का माहौल गर्म हो गया। बताया जा रहा है कि बीजेपी युवा मोर्चा के नेता एवं कुल्टी विधायक डॉ. अजय पोद्दार के पुत्र केशव पोद्दार ने हाल ही में सवाल उठाया था कि जब राज्य में मुख्यमंत्री बदल चुके हैं, तो फिर सरकारी संस्थानों में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर क्यों लगी हुई है। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया था।











मंगलवार को बड़ी संख्या में बीजेपी समर्थक और कार्यकर्ता नागरिक सेवाओं की मांग तथा विभिन्न परियोजनाओं में कथित घोटालों के विरोध में आसनसोल नगर निगम पहुंचे। इसी दौरान मेयर विधान उपाध्याय के चेम्बर में मौजूद कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी की तस्वीर हटाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी की तस्वीरें लगा दीं।तस्वीर लगाने के दौरान “भारत माता की जय” के नारों से पूरा निगम परिसर गूंज उठा। बाद में बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंची। भाजपा कार्यकर्ताओं को वहां से हटकर थाने ले गई।



बीजेपी समर्थकों का कहना था कि उन्होंने जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह कदम उठाया है।घटना के समय मेयर विधान उपाध्याय भी चेम्बर में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने पूरे मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से परहेज किया। मीडिया के सवालों पर उन्होंने केवल इतना कहा,“जो कुछ भी हुआ, वह आपके सामने ही हुआ है। बाकी जिन लोगों ने यह किया है, उनसे ही पूछ लीजिए।”मेयर के इस संक्षिप्त जवाब को उनकी नाराजगी और असहजता के तौर पर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आसनसोल नगर निगम बोर्ड पर अभी भी तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है, जबकि बीजेपी प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका में है। ऐसे में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में निगम राजनीति को और गर्म कर सकता है।

