Lachhipur Parking Scam कौन हक खा रहा ? जांच की मांग
बंगाल मिरर, नियामतपुर (विशेष संवाददाता): कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के लच्छीपुर में संचालित दो निजी पार्किंगों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता, अवैध भूमि कब्जा और सामाजिक उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है। भाजपा कुल्टी विधानसभा के साधारण संपादक काजल दास ने आसनसोल नगर निगम के मेयर, पश्चिम बर्धमान के जिला अधिकारी (DM), पुलिस आयुक्त (CP) और स्थानीय विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार को एक औपचारिक शिकायती पत्र सौंपकर इस पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय संयुक्त जांच कराने की मांग की है।














लिखित शिकायत के आधार पर मामले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:1. वित्तीय अनियमितता एवं टेंडर नियमों का उल्लंघनशिकायतकर्ता के अनुसार, लच्छीपुर रेड लाइट एरिया के समीप स्थित “गब्बर पार्किंग” एवं “ राय पार्किंग” बिना किसी वैध निविदा (Tender) या आसनसोल नगर निगम की पारदर्शी अनुमति के वर्षों से संचालित हो रही हैं। इससे निगम के राजस्व विभाग को सीधे तौर पर करोड़ों रुपये के वित्तीय राजस्व का नुकसान (Loss of Revenue) पहुँचाया जा रहा है।
2. सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा व नक्शा विचलनआरोप है कि इन दोनों निजी पार्किंगों के पास कोई स्वीकृत ब्ल्यूप्रिंट या आवंटित क्षेत्रफल का वैध दस्तावेज है या नही। सरकारी और सार्वजनिक भूमि का अतिक्रमण कर नियमों के विरुद्ध इसका विस्तार किया गया है। वहीं दूसरी ओर, ठीक पास में स्थित सरकारी ‘माइंस बोर्ड ऑफ हेल्थ’ की वैध पार्किंग को सोची-समझी रणनीति के तहत निष्क्रिय किया जा रहा है।4. दलाल चक्र और मानवीय उत्पीड़न का गंभीर आरोपशिकायत पत्र में सुरक्षा और मानवाधिकार का एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा भी उठाया गया है।
आरोप है कि पार्किंग की आड़ में सक्रिय असामाजिक तत्व और दलाल चक्र स्थानीय वंचित व असहाय यौन कर्मियों (Sex Workers) तथा छोटे दुकानदारों का आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।उचित विभागीय कार्रवाई हेतु मुख्य मांगें:प्रशासनिक और कानूनी रूप से मामले के निस्तारण के लिए शिकायत पत्र में निम्नलिखित तकनीकी जांच की मांग की गई है:संयुक्त भौतिक सत्यापन (Joint Physical Survey): नगर निगम और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से आवंटित भूमि की पैमाइश करे ताकि अवैध कब्जे की सटीक सीमा तय हो सके।राजस्व का फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit): पिछले 3 से 4 वर्षों में पार्किंग से हुई कुल आय और निगम के खजाने में जमा राशि की वित्तीय जांच हो तथा दोषियों से रिकवरी की जाए।
उत्तरदायित्व निर्धारण (Fictitious Responsibility): इस अवैध संचालन को मूक संरक्षण देने वाले निगम के राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की आंतरिक जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाए।कानूनी व दंडात्मक कदम: बिना स्वीकृत नक्शे के बने अवैध ढांचों का ध्वस्तीकरण हो और पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए दलालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।प्रशासनिक रुख: भाजपा नेतृत्व ने इस मामले को शासन और कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बताया है। काजल दास ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर ‘संयुक्त टास्क फोर्स’ (Asansol Corporation, DM & Police) का गठन कर निष्पक्ष जांच की जाए ।

