Rohit Nonia : 17 साल बाद ईसीएल द्वारा पेट्रोल पंप और कार्यालय पर नोटिस, बड़ा सवाल क्या होगी कार्रवाई ?
बंगाल मिरर, आसनसोल : कुल्टी-धेमोमेन क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले पूर्व तृणमूल नेता रोहित नोनिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने उनकी कथित तौर पर कब्जे वाली जमीन पर बने पेट्रोल पंप और कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर सात दिनों के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश दिया है।ईसीएल की ओर से जारी नोटिस में दावा किया गया है कि संबंधित जमीन पर वर्ष 2009 से कब्जा है। इसी दावे ने अब इलाके में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यदि 2009 से ही ईसीएल की जमीन पर कथित कब्जा था, तो आखिर 17 वर्षों तक प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कर रहे थे? इतने लंबे समय तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?













रोहित नोनिया का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वह कुल्टी नगरपालिका के दौर में सीपीआई के पार्षद रह चुके हैं और बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर क्षेत्र की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बने। ऐसे में ईसीएल की इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। अभी कुछ दिन पहले उनके पुत्र ने टीएमसी और पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया था।धेमोमेन मोड़ के पास स्थित पेट्रोल पंप और कार्यालय के बाहर लगाए गए नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित समय के भीतर जमीन खाली नहीं करने पर कानूनी बेदखली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक नोटिस तक सीमित रहेगा या फिर वास्तव में बुलडोजर और बेदखली की कार्रवाई भी होगी? क्षेत्र में लोग चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह रोहित के प्रभाव और कथित साम्राज्य पर बड़ी कार्रवाई की शुरुआत है?हालांकि, इन सभी सवालों के बीच रोहित नोनिया का पक्ष सामने नहीं आ पाया है। उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। अब सबकी नजर ईसीएल और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।



