धोखाधड़ी और अवैध हथियार मामले में गिरफ्तार सैयद इकबाल 7 दिन की रिमांड पर
बंगाल मिरर, एस सिंह: हीरापुर थाना पुलिस द्वारा धोखाधड़ी एवं अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार आरोपी टीएमसी नेता और कारोबारी सैयद इकबाल को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की गहन जांच एवं पूछताछ के लिए अदालत से आरोपी की 10 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।मामला हीरापुर थाना कांड संख्या 166/26, दिनांक 20 जून 2026 से संबंधित है।














आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318, 117(2), 3(5), 2(B) तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।अदालत में मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी को कोलकाता, मुंगेर और धनबाद ले जाया जाएगा। पुलिस का दावा है कि सैयद इकबाल की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आग्नेयास्त्र की बरामदगी की जाएगी तथा मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आसनसोल रेलपार के जहांगीरी मोहल्ला निवासी अब्दुल्ला सदर द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि वर्ष 2020 में शब्बीर आलम, मोहम्मद खलील और नेहाल खान ने जामुड़िया के निगहा क्षेत्र में गीता देवी बर्मन सहित आठ भूमि मालिकों से करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन खरीद-बिक्री का अनुबंध किया था।आरोप है कि वर्ष 2022 में भूमि मालिकों ने शिकायतकर्ता एवं अन्य लोगों को डेवलपमेंट पावर ऑफ अटॉर्नी प्रदान की थी, जिसके तहत जमीन की बिक्री की जानी थी। इस सौदे में भूमि मालिकों को 8 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था, जबकि लगभग 80 लाख रुपये का भुगतान शेष था।
प्राथमिकी के अनुसार, 18 जून 2026 की शाम शिकायतकर्ता बर्नपुर के रहमतनगर स्थित नेहाल खान के आवास पर बकाया राशि की मांग करने गया था। वहां नेहाल खान, शब्बीर आलम तथा नेहाल खान के बड़े भाई सैयद इकबाल ने कथित रूप से उसे बंदूक की नोक पर धमकाया। आरोप है कि शिकायतकर्ता को चेतावनी दी गई कि यदि वह दोबारा पैसे मांगने आया तो उसे गोली मार दी जाएगी। भयभीत शिकायतकर्ता वहां से जान बचाकर निकल गया और 20 जून 2026 को हीरापुर थाना में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने मामले में सैयद इकबाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नेहाल खान और शब्बीर आलम की तलाश जारी है। जांच अधिकारियों का मानना है कि पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ से मामले से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल अदालत में पुलिस रिमांड की याचिका पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।मामले की जांच हीरापुर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।


