रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स में चुनाव क्यों

बंगाल मिरर, दलजीत सिंह,  रानीगंज : 60 वर्ष के गौरवशाली इतिहास है रानीगंज के चेंबर ऑफ कॉमर्स का किंतु पिछले 2 वर्षों में चुनाव को लेकर जो राजनीति हो रही है उसका स्तर काफी गिर गया है व्यापारिक संगठन होने के बावजूद रानीगंज चेंबर सदैव समाज की सेवा में तत्पर रहा है चाहे रेल की, चाहे डाकघर की, सिविक संबंधित या प्रशासन से उन चीजों की उपलब्धि करवाना जिसे शहर के आम नागरिक साधारणता नहीं कर पाते थे किसी व्यक्ति विशेष की महत्वाकांक्षा का असर तो किंचित हम लोग इस चुनाव के दौरान नहीं देख रहे हैं दलगत राजनीति से  वयम यस एवं कटुता बढ़ती है जिसका असर किसी भी संस्था की कार्यशैली पर पड़ता है राजनीतिक छवि रखने वाले इस संस्था पर कहीं कोई राजनीतिक छाया तो नहीं मंडरा रहा है या एक सोच का विषय है निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव करवाने का पूरा पूरा दायित्व अब वहां के चुनाव अधिकारी तुलसी भट्टाचार्य एवं कृष्ण गुप्ता पर निर्भर करता है l चेंबर com के सदस्यों का यह मानना है कि जो छवि पिछले 60 वर्षों से बनी हुई है उसे कोई भी प्रकार से आंच नहीं आनी चाहिए एवं धूमिल नहीं होनी चाहिए बहुत सारे सदस्यों का यह भी कहना है कि प्राण पुरुष माने जाने वाले स्वर्गीय श्री गोविंद राम जी खेतान ने जिस विजन से इस संस्था जैसे  सेवा  मुल्क मापदंड स्थापित किए थे  उनको नष्ट ना होने दिया जाए एक छोटे से कमरे से निकलकर इतना विशाल स्वरूप जो बना है उसके पीछे सदस्यों का निरंतर अथक परिश्रम एवं प्रयास है. I और आपसी मेलजोल एवं सहभागिता से चेंबर   शायद और ऊंचाइयों तक पहुंच जाए. I

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