दृष्टिबाधित मेधावियों को कुल्टी मदद फाउंडेशन ने किया सम्मानित

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बंगाल मिरर, राहुल तिवारी, आसनसोल / बर्नपुर ः हीरापुर स्थित मानिकचंद्र पल्ली निवाशी ठेले पर आलुकटा और घुघनी बेचने वाले बानेस्वर गोराई के पुत्र अभिजीत गोराई ने पश्चिम बंगाल माध्यमिक की परीक्षा में 632 अंक लाकर जिले का नाम रौशन करने के साथ स्कूल में द्वितीय अब्बल स्थान प्राप्त किया है ।
दृष्टिहीन दिव्यांग छात्र की सफलता पर कुल्टी मदद फाउंडेशन के महासचिव रवि शंकर चौबे के नेरत्तिव में गोपीकृष्ण दत्त के साथ कुल्टी मदद फाउंडेशन की टीम ने दृष्टिहीन छात्र अभिजीत गोराई को उसके घर जाकर माध्यमिक में सफलता के लिए सम्मानित किया । साथ ही भविष्य में शिक्षा के लिए सहयोग का आश्वाशन दिया । कुल्टी मदद फॉउंडेशन के महासचिव रवि चौबे ने कहा कि हमारी संस्था कुल्टी के झालमुड़ी बिक्रेता भोला यादव के दृष्टिहीन मेघावी छात्र अमित यादव की पढ़ाई की बर्तमान में जिम्मेवारी उठाती है । संस्था का मूल उद्देश्य दिव्यांग बच्चो के शैक्षणिक बिकाश करना है ताकि वे लोग आत्मनिर्भर एवम स्वालंबी बन सके ।
माध्यमिक परिक्षा में अब्बल आने के साथ अभिजीत गोराई 2017 में जुडो में राज्य में गोल्ड मेडल, वर्ष 2018 में लखनऊ में पारा जुडो नेसनल में ब्रॉन्ज मेडल एवम बर्ष 2019 में गाजियाबाद में नेसनल जुडो में गोल्ड मेडल लाने का कीर्तिमान स्थापित कर चुका है । इसके अलावा अभिजीत सितारबादन में देश मे कई कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुका है । अभिजीत गोराई के पिता बानेस्वर गोराई मानिकचंद्र गर्ल्स स्कूल के समीप ठेले पर आलूकाटा और घुघनी बेचकर परिवार का पालन पोषण करते है जबकि अभिजीत की माँ रेखा गोराई गृहणी है । दृृष्टिहीन दिव्यांग अभिजीत गोराई कोलकाता नरेंद्रपुर स्थित रामकृष्ण मिशन स्कूल में शिक्षा ग्रहण करता है । जिसने माध्यमिक परिक्षा में 90.3 प्रतिशत अंक केे साथ 632 अंक लाकर स्कूल में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है । अभिजीत ने बांग्ला भाषा में 85, अंग्रेजी 94, गणित मे 91, फिजिकल साइंस में 91, लाइफ साइंस में 91, इतिहास में 83 एवम भूगोल में 97 अंक लाया है ।


अभिजीत की माँ रेखा गोराई ने कहा कि उनका पुत्र जन्म से ही दृष्टिहीन है जिसे 8 बर्ष की उम्र में आसनसोल स्थित ब्रेल एकाडमी में पढ़ाई के लिए भर्ती करवाया जहा कक्षा 4 तक पढ़ा उसके बाद कोलकाता स्थित नरेंद्रपुर में 10 कक्षा तक पढ़कर माध्यमिक की परीक्षा दिया । और कड़ी मेहनत के बाद माध्यमिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उतीर्ण होकर स्कूल में द्वितीय स्थान प्राप्त किया । अभिजीत की माँ रेखा गोराई ने बताया कि दो पुत्र एवम एक पुत्री में अभिजीत सबसे छोटा है , बेटी बीसी कालेज में ग्रैजुएशन की छात्रा है एक पुत्र दो वर्षो से लिवर जॉन्डिस के कारण घर मे बीमार पड़ा रहता है जिसके इलाज के लिए काफी परेशानी होती है ।
अभिजीत दृष्टिहीन छात्रो के लिए शिक्षक बनकर उनका भविष्य बनाना चाहता है ।