Asansol : कंबल के लिये भिखारी की पीट -पीट कर हत्या का आरोप !
हमलावर बताया जा रहा मानसिक विक्षिप्त, खुलेआम घूम रहा, लोगों में आतंक
बंगाल मिरर, आसनसोल : पश्चिम बंगाल आसनसोल के बीएनआर मोड़ स्थित रबीन्द्र भवन के सामने एक पेड़ के नीचे कई महीनों से रह रहे एक भिखारी को एक कथित पागल ने डंडे से पिट -पीटकर हत्या का आरोप ! रबिन्द्र भवन मे रात्रि के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी बिरजू प्रसाद की अगर माने तो रात को करीब डेढ़ बजे एक पागल रबिन्द्र भवन के सामने बने बस स्टॉप मे लगे कांच पर पत्थर फेंक रहा था, जिसका उन्होंने बिरोध किया और पागल को भगाने का प्रयास किया पर पागल अपनी जिद पर अड़ा रहा और गुस्से मे आकर सुरक्षा गार्ड बिरजू को डंडा लेकर दौड़ा दिया, बिरजू जान बचाकर भागे और रबिन्द्र भवन मे घुसकर दरवाजा लॉक कर दिया। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला शायद हत्या का नहीं है, हर्ट अटैक से भिखारी के मौत की आशंका जताई जा रही है। फिर भी पुलिस हर पहलु की जांच कर रही है।














जिसके बाद उन्होंने देखा की उस पागल ने रबिन्द्र भवन के सामने पेड़ के निचे लाल रंग के कंबल ओढ़कर सो रहे भिखारी से उसकी कंबल छीनने लगा, जब भिखारी ने पागल का विरोध किया तब पागल गुस्से मे आकर उस भिखारी को तबतक पीटता रहा जबतक भिखारी की मौत नही हो गई, वहीं भिखारी के चीखने और चिल्लाने की आवाज सुन मौके पर कुछ लोग मदद के लिये तो आए पर उनके आने से पहले बहुत देर हो चुकी थी, और पागल अपने हाँथो मे डंडा लेकर सब को दौड़ाने की बार – बार कोशिश करने लगा लोगों ने जब पुलिस को घटना की जानकारी दी तब मौके पर पहुँची पुलिस भिखारी के लहू- लुहान शव को अपने साथ आसनसोल जिला अस्पताल ले गई जहाँ चिकित्साक ने भिखारी को मृत घोषित कर दिया।
वहीं घटना को अंजाम देकर हत्यारा पागल खुलेआम भगत सिंह मोड़ से लेकर रबिन्द्र भवन चौक पर भिखारी से छिना हुआ कंबल लेकर घूम रहा है, वहीं घटना के बाद लोगों मे दहसत का माहौल है, लोगों को भय लग रहा है की कहीं पागल उस भिखारी के तरह उनपर भी जानलेवा हमला नही कर दें, हम बताते चलें की इससे पहले एक और पागल ने भगत सिंह मोड़ स्थित एक सैलून वाले की पिट -पीटकर हत्या कर दी थी, साथ ही बिच – बचाव करने गई पुलिस को भी उसने घायल कर दिया था, ऐसे मे अब आसनसोल वासियों मे सड़क पर घूम रहे पागलों को देख कुछ इस कदर भय का माहौल व्याप्त है, मानो सड़क पर पागल के भेष में मौत घूम रहा हो, जो कब और किसको अपने चपेट मे ले -ले यह कोई नही जानता
- প্রশ্নে নির্বাচন কমিশনের ভূমিকা , প্রশিক্ষণ ছাড়াই একদিনের নোটিশে পড়লো ডাক, ভোট দিতে পারলেন না কয়েকশো “ভিএবি”
- আসানসোল ও দুর্গাপুর , চারদিন পরে খুললো মদের দোকান, কেনার হিড়িকে লম্বা লাইন
- ভোট দিতে পারলেন না বারাবনির দুই ভোটার নামের পাশে ‘পোস্টাল ব্যালট’- র সিল! কমিশনের ভূমিকায় প্রশ্ন
- Asansol में EVM की ‘तिजोरी’ पर कड़ा पहरा: स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर डटे दलों के कार्यकर्ता, 4 मई तक चौकसी
- সিসিটিভিতে নজরদারি, পাহারায় ১ কোম্পানি কেন্দ্রীয় বাহিনী আসানসোল ইঞ্জিনিয়ারিং কলেজে জেলার ৬ বিধানসভার স্ট্রংরুম

