पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और थूकने पर लगेगा जुर्माना, सरकार ने जारी किया सार्वजनिक नोटिस
बंगाल मिरर, कोलकाता:** पश्चिम बंगाल सरकार के नगर विकास और नगर मामलों के विभाग (Urban Development and Municipal Affairs Department) ने राज्य के शहरी क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिस (Memo No. 1511-UDMA-11011(15)/6/2026, दिनांक: 22.06.2026) के अनुसार, अब राज्य में खुले में शौच, सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने, कचरा फेंकने, प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करने और थूकने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और उल्लंघन करने वालों पर ऑन-स्पॉट जुर्माना लगाया जाएगा।### **दो चरणों में लागू होगा नियम (Date of Enforcement)**सरकार इस नियम को पूरे राज्य में दो चरणों (Phases) में लागू करने जा रही है: * **चरण-1 (01 जुलाई 2026 से प्रभावी):** दार्जिलिंग नगरपालिका, कालिम्पोंग नगरपालिका, कर्सियांग नगरपालिका और मिरिक अधिसूचित क्षेत्र प्राधिकरण (Mirik Notified Area Authority)।














* **चरण-2 (01 सितंबर 2026 से प्रभावी):** पश्चिम बंगाल के अन्य सभी शेष नगर निगम (Municipal Corporations), नगरपालिकाएं और अधिसूचित क्षेत्र प्राधिकरण (जैसे कोलकाता आदि)।### **नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना? (Penalty Structure)**नोटिस के अनुसार, तय किए गए नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकारियों द्वारा तुरंत ‘स्पॉट फाइन’ (नकद रहित) लिया जाएगा:| उल्लंघन का प्रकार (Nature of Violation) | जुर्माना राशि (Fine in Rs.) ||—|—|| निर्धारित शौचालय के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर खुले में शौच या पेशाब करना |

**₹200** || सड़कों, नालों या सार्वजनिक जगहों पर कचरा/प्लास्टिक फेंकना या प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग/परिवहन करना | **₹200** || सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और बाजारों में थूकना | **₹100** |### **भुगतान का तरीका (Mode of Payment)**नोटिस में साफ तौर पर स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार का **कैश (नकद) कलेक्शन नहीं किया जाएगा**।
जुर्माना केवल अधिकृत अधिकारियों द्वारा **डिजिटल या ऑनलाइन मोड** के माध्यम से ही लिया जाएगा, जिसे सीधे सरकार के निर्धारित खाते में जमा किया जाएगा।### **नागरिकों से अपील**राज्यपाल के आदेश से जारी इस नोटिस में नागरिकों से अपील की गई है कि वे पश्चिम बंगाल को स्वच्छ, कचरा-मुक्त और खुले में शौच से मुक्त बनाने में अपना सहयोग दें। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और गंदगी फैलाने से बचें तथा केवल कूड़ेदान और सार्वजनिक शौचालयों का ही उपयोग करें।


