आवाज़ का नमूना देने के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी पर अग्निमित्रा पाल का तंज, कहा – “कोई भी कानून से ऊपर नहीं”
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्यायः*अदालत के निर्देश के अनुसार आपको अपनी आवाज़ का नमूना देना होगा और निश्चित रूप से देना चाहिए। आप अदालत के फैसले को चुनौती क्यों दे रहे हैं? शुक्रवार को आसनसोल के महिशीला कॉलोनी में पार्टी के एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में अग्निमित्रा पाल ने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए यह बात कही।उन्होंने कहा कि भारत में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। उनका दावा था कि कानून के अनुसार सभी को जवाबदेह होना होगा और अदालत के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आपने जो भ्रष्टाचार किया है और आपकी पार्टी के लोगों ने जो अत्याचार किए हैं, उनका न्याय अवश्य होगा। आप बार-बार अदालत के फैसले को चुनौती क्यों दे रहे हैं?














आपको अदालत के सामने आना होगा और बंगाल की जनता को जवाब देना होगा।”इस अवसर पर उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी सेवाओं, महिला सुरक्षा, जल निकासी व्यवस्था, जनगणना तथा राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति सहित कई विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।अग्निमित्रा पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की सुरक्षा शामिल है। राज्य के विभिन्न थानों में महिला पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है।
प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क शुरू की गई है तथा प्रत्येक उपमंडल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष “पिंक पेट्रोल” तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।भाजपा विधायकों की पहल पर शुरू किए गए “सेवा केंद्र” का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यहां आम लोगों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं से संबंधित आवेदन और सहायता पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले लोगों को विभिन्न सेवाओं के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उस स्थिति को बदला जा रहा है।बरसात के मौसम में शहर में जलभराव की समस्या पर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जल निकासी व्यवस्था के विकास न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। फिलहाल छोटे-बड़े नालों, ड्रेनों, खालों और मैनहोलों की सफाई की जा रही है।
जिन क्षेत्रों में जलभराव की आशंका है, वहां से पानी निकालने के लिए पंप तैयार रखे गए हैं।जनगणना के विषय में उन्होंने कहा कि यह एक विशाल प्रशासनिक कार्य है। इसमें शिक्षक-शिक्षिकाओं, सरकारी कर्मचारियों सहित सभी को भाग लेना होगा।आगामी रथयात्रा के अवसर पर अपने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि वह उस दिन विभिन्न आयोजनों में हिस्सा लेंगी। उन्होंने रथयात्रा को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में देखने की अपील की। उनके अनुसार, सभी राजनीतिक विचारधाराओं के लोग भगवान जगन्नाथ के इस उत्सव में भाग ले सकते हैं।


