डेटा रिचार्ज के पैसे और अतिरिक्त कार्य भत्ते की मांग को लेकर सालानपुर में आईसीडीएस कर्मियों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
*बंगाल मिरर, सालानपुर, राजा बंदोपाध्यायः* आईसीडीएस (समेकित बाल विकास सेवा) परियोजना के तहत अतिरिक्त कार्यभार और मोबाइल डेटा रिचार्ज का खर्च नहीं मिलने से नाराज आंगनवाड़ी कर्मियों ने शुक्रवार को सालानपुर ब्लॉक के रूपनारायणपुर स्थित चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (सीडीपीओ) के कार्यालय में लिखित रूप से अपनी मांगें और समस्याएं प्रस्तुत कीं।कर्मियों का आरोप है कि बाल विकास परियोजना के नियमित कार्यों के अलावा अन्य विभागों के निर्देश पर उनसे मिड-डे मील से संबंधित कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि उन्हें दूसरे विभागों का कार्य भी करना पड़ता है, तो उसके लिए अलग से निर्धारित भत्ता दिया जाना चाहिए।














कर्मियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपने निजी मोबाइल फोन और व्यक्तिगत खर्च पर ‘पोषण ट्रैकर’ से जुड़े सभी कार्य कर रहे हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में नियमित डेटा रिचार्ज और कार्यों को सुचारु रूप से करने के लिए कार्यालय की ओर से भत्ता दिया जाना आवश्यक हो गया है।उनका कहना है कि डेटा रिचार्ज का पैसा कभी-कभी मिलता है, लेकिन वह समय पर या हर महीने नहीं मिलता। इसके कारण उन्हें अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है, जिससे आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसलिए उन्होंने मांग की है कि डेटा रिचार्ज का खर्च प्रत्येक महीने नियमित रूप से कार्यालय द्वारा दिया जाए।सालानपुर बाल विकास परियोजना की कई आंगनवाड़ी कर्मियों ने हस्ताक्षर कर ज्ञापन सौंपा। इनमें रेशमा सिन्हा, सोमा चट्टोपाध्याय, रूबी दास, बानी महतो, सोनाली सिन्हा, गीता सरकार, कविता मंडल सहित अन्य कर्मी शामिल थीं।
कर्मियों को उम्मीद है कि परियोजना अधिकारी उनकी इन जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे और जल्द ही डेटा रिचार्ज राशि तथा अतिरिक्त कार्य के लिए भत्ते की व्यवस्था करेंगे। उन्होंने आशंका जताई कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो भविष्य में कार्य करना उनके लिए कठिन हो जाएगा।यदि चाहें, मैं इसे समाचार-पत्र शैली की और अधिक पेशेवर हिन्दी में भी तैयार कर सकता हूँ।


