आसनसोल जिला अस्पताल में बच्चों के लिए “पोषण पुनर्वास केंद्र” शुरू, उद्घाटन किया नगर एवं शहरी विकास मंत्री ने
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्यायः*आसनसोल जिला अस्पताल में न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) अर्थात “पोषण पुनर्वास केंद्र” शुरू किया गया है। शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इस केंद्र का उद्घाटन किया।उद्घाटन समारोह में आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय, पश्चिम बर्धमान के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओएच) डॉ. मोहम्मद यूनुस, जिला अस्पताल के नवनियुक्त अधीक्षक डॉ. तपन कुमार विश्वास, निवर्तमान अधीक्षक डॉ. निखिल चंद्र दास सहित अनेक चिकित्सक, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।जानकारी के अनुसार, पांच वर्ष तक की आयु के वे बच्चे जो कुपोषण से पीड़ित हैं, उन्हें इस केंद्र में रखा जाएगा।














जिला अस्पताल के आपातकालीन विभाग के ऊपर की मंजिल पर 10 बिस्तरों वाला यह यूनिट बनाया गया है। कुपोषित बच्चों को कम से कम 14 दिनों तक इस यूनिट में रखा जाएगा।विशेष बात यह है कि बच्चों की माताएं भी उनके साथ इस विभाग में रह सकेंगी। यहां एक विशेष फीडिंग ज़ोन की व्यवस्था की गई है। बच्चों के सुरक्षित रूप से खेलने के लिए केंद्र के एक हिस्से को प्ले-स्कूल की तर्ज पर विकसित किया गया है, जहां विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे खिलौने रखे गए हैं।

इस अवसर पर अग्निमित्रा पाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार अन्य सेवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी लगातार बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं और इसके लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि आसनसोल जिला अस्पताल में केवल आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों से ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग उपचार कराने आते हैं। उनका दावा है कि इस नए यूनिट के शुरू होने से सभी क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा।


