रेलवे में अब बंगला पिउन की नहीं होगी नियुक्ति







बंगाल मिरर, आसनसोल : रेलवे के निजीकरण को लेकर पूरे देश में शोर मचा हुआ है इसी के साथ ही रेलवे में नौकरियों के अवसर भी खत्म करने का आरोप केंद्र सरकार पर लग रहे हैं इसी बीच केंद्र सरकार रेलवे में बंगला पिउन नियुक्ति की प्रक्रिया को खत्म करने जा रही है अभी तक यह प्रणाली ब्रिटिश काल से ही चली आ रही थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा इससे बेरोजगारों के सरकारी नौकरी का एक और मौका केंद्र सरकार ने खत्म कर देगी।आधिकारिक सूचना के मुताबिक रेलवे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आवास पर काम करने वाले ‘बंगला पियुन’ या खलासियों की नियुक्ति की औपनिवेशिक काल की प्रणाली को समाप्त करने की तैयारी कर रहा है और इस पद पर अब कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी. रेलवे बोर्ड ने आदेश में कहा है कि टेलीफोन अटेंडेंट सह डाक खलासी (टीएडीके) संबंधी मामले की समीक्षा की जा रही है. आदेश में कहा गया है, ‘टीएडीके की नियुक्ति संबंधी मामला रेलवे बोर्ड में समीक्षाधीन है, इसलिए यह फैसला किया गया है कि टीएडीके के स्थानापन्न के तौर पर नए लोगों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए और न ही तत्काल नियुक्ति की जानी चाहिए.’ आदेश में कहा गया है, ‘इसके अलावा, एक जुलाई 2020 से इस प्रकार की नियुक्तियों को दी गई मंजूरी के मामलों की समीक्षा की जा सकती है और इसकी स्थिति बोर्ड को बताई जाएगी. इसका सभी रेल प्रतिष्ठानों में सख्ती से पालन किया जाए.’








