कोयला श्रमिकों की पेंशन में कमी को दूर किया जाए: राकेश
CMPF चेयरमैन को लिखा पत्र
बंगाल मिरर, आसनसोल : कोयला मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष सह हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व CMPF ट्रस्टी सदस्य राकेश कुमार ने सीएमपीएफ चेयरमैन को पत्र लिखकर पेंशन भुगतान के लिए बेसिक का निर्धारण करते समय मूल वेतन के साथ VDA + SDA को शामिल नहीं करने से पेंशन राशि में होने वाली कमी से उत्पन्न परिस्थिति को लेकर अवगत कराया है।














उन्होंने कहा कि कोल इंडिया के राष्ट्रीयकरण के बाद सीएमपीएफओ के तहत फैमिली पेंशन के श्रमिकों से आर्थिक सहयोग राशि की कटौती पीएफ की राशि के साथ की जाती थी और सदस्य की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को प्रतिमाह पत्नी के जीवित रहने तक भुगतान किया जाता था। अगर श्रमिक रिटायरमेंट तक जीवित रहता था तो पी एफ की राशि के साथ ही फैमिली पेंशन में कटौती की गई राशि जोड़कर दे दी जाती थी। अप्रैल 1989 से मूल वेतन के साथ Vda+sda जोड़कर 2% की कटौती की गई थी।
इसके बाद एक जुलाई 1995 से प्रत्येक के सदस्य से एक इन्क्रीमेंट की कटौती भी pension fund के लिए की जाने लगी । इस बीच सीएमएमपीएस 98 की अधिसूचना जारी हुई जिसके अनुसार 1 अप्रैल 1994 के बाद नौकरी से किसी भी वजह से हटने वाले श्रमिकों को इस स्कीम का लाभ देना तय हुआ । उसके पहले रिटायर मृत या किसी के कारण से नौकरी से अलग हुई श्रमिकों को काटी गई राशि को वापस दिया गया था ।
पेंशन फंड को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रबंधन एवं श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से यह तय किया कि बेसिक के साथ 7 % की राशि प्रत्येक सदस्य द्वारा पेंशन फंड में दी जाएगी और प्रबंधन द्वारा भी समान राशि पेंशन फंड में दी जाएगी ।
इस संबंध में 8 जून 2018 को भारत सरकार के करेक्ट में यह अधिसूचना जारी की गई कि श्रमिकों के मूल वेतन एवं वीडीए के 7% की राशि कटौती 1 अक्टूबर 2017 से की जाएगी लेकिन 31 अक्टूबर 2018 के बाद से कटौती शुरू हुई तब तक बेसिक vda. और sda जोड़कर 2% की कटौती जारी थी। इस दौरान जो रिटायर हुए उनके 10 माह के वेतन के एवरेज निकालने के लिए मूल वेतन के साथ वीडिए और एसडीए को शामिल किया जाता रहा ।
लेकिन 31 अक्टूबर 2018 के बाद से एसडीए को जोड़ना बंद कर दिया गया जिसके कारण उनके पेंशन में कमी हो रही है। इसलिए अधिसूचना में बदलाव करते हुए 7 % की कटौती के लिए मूल वेतन के साथ vda और sda को जोड़कर बेसिक माना जाए इसी आधार पर पेंशन देने का फार्मूला अपनाया जाए।

