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सिम डिलरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, 67 हजार डीलर हुए ब्लैकलिस्ट

बंगाल मिरर, एस सिंह :  मोबाइल फोन सिम के जरिए धोखाधड़ी और मिस यूज आज के दौर में सामान्य बात हो गई है। लेकिन अब इन धोखाधड़ी पर लगाम लग रही है। केंद्र सरकार ने सिम डीलरों के लिए नया नियम बनाया है। जिसके तहत अब देश में मोबाइल फोन के सिम विक्रेताओं का अब पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, जिसमें उनकी बायोमेट्रिक जानकारी भी शामिल है। अब बड़ी संख्या में बिजनेस कनेक्शन लेने वाले कारोबारियों को सिम देते समय सम्बन्धित कर्मचारी का केवाईसी कराना अनिवार्य होगा।

बड़ी संख्या में सिम खरीद पर रोक

केन्द्रीय टेलीकॉम मंत्री अश्वनी वैष्णव ने टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़े दो रिफॉर्म की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन रिफॉर्म का मकसद केवल उपयोगकर्ता को साइबर धोखाधड़ी से बचाना है। उन्होंने कहा कि सिम बेचने वाले को अब गलत तरीके से इसे बेचने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसके लिए उसका पुलिस और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा और बड़ी संख्या में सिम खरीद पर रोक होगी। इसके स्थान पर बिजनेस कनेक्शन दिए जायेंगे। बिजनेस कनेक्शन के लिए एक प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन होगा। यह बिजनेस कनेक्शन पाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपना केवाईसी कराना अनिवार्य होगा।


केंद्रीय मंत्री ने संचार पोर्टल के माध्यम से हासिल की गई उपलब्धियों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संचार पोर्टल के जरिए 52 लाख फर्जी कनेक्शन खत्म किए गए हैं। 67 हजार डीलर ब्लैकलिस्ट किए गए हैं। साइबर फ्रॉड से जुड़ी 300 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 17 हजार मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं। 67 हजार व्हाट्सएप ब्लॉक किए गए हैं। एक लाख पेमेंट अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं। तीन लाख चोरी के मोबाइल उनके मालिकों तक पहुंचाए गए हैं। एक आधार पर सिम लेने की संख्या को अभी भी नौ बनाए रखा गया है।

पुलिस वेरिफिकेशन और KYC के लिए मिलेगा समय

उन्होंने बताया कि डिजिटल केवाईसी जल्द ही जरूरी कर दिया जाएगा। सिम कार्ड देते समय आधार कार्ड के क्यूआर कोड को सत्यापित करना जरूरी होगा। इससे फोटो शॉप के दस्तावेज की हेरफेर खत्म होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि 10 लाख सिम डीलर को पुलिस वेरिफिकेशन के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा

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