Indian Bank ने एनपीए लोन रिकवरी के लिए मकान पर लिया कब्जा
बंगाल मिरर, आसनसोल: इंडियन बैंक , 10 अप्रैल 2025: इंडियन बैंक ने गुरुवार को प्रेमनगर निवासी विवेकानंद चैटर्जी के मकान को कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई 2013 में लिए गए हाउस लोन की राशि चुकाने में असफलता के बाद की गई, जो 2023 में नॉन-परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) घोषित हो गया था। बैंक के चीफ मैनेजर प्रवीण कुमार ने बताया कि विवेकानंद चैटर्जी ने 15 लाख रुपये का हाउस लोन लिया था, जिसमें से वर्तमान में 13 लाख रुपये बकाया है। लोन की गारंटर उनकी पत्नी पुष्पा चैटर्जी थीं।














प्रवीण कुमार ने कहा, “विवेकानंद चैटर्जी को कई बार नोटिस दी गई, लेकिन उन्होंने बकाया राशि जमा नहीं की। इसके बाद बैंक को यह कदम उठाना पड़ा।” गुरुवार को मकान पर कब्जे की प्रक्रिया के दौरान हीरापुर पुलिस, बैंक रिसीवर जीत चैटर्जी, अधिवक्ता संग्राम सिंह, रिकवरी एजेंट राजीव बनर्जी, सब-इंस्पेक्टर अजीत कुंडू और सुमन सिंगा मौजूद थे।
यह कार्रवाई बैंकिंग नियमों के तहत की गई, जिसमें एनपीए खातों से वसूली के लिए संपत्ति पर कब्जा एक वैधानिक प्रक्रिया है। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना ने चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। मकान पर कब्जे के बाद अब इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, ताकि बैंक अपने बकाया राशि की वसूली कर सके।
विवेकानंद चैटर्जी और उनके परिवार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जो बैंक लोन की समय पर अदायगी में लापरवाही बरतते हैं।

