Asansol MLA Krishnendu Mukherjee ने निभाया वादा, सरकार बनते ही दुर्गा मंदिर पहुंचकर की पूजा
बंगाल मिरर, आसनसोल: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार गठन और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के अगले ही दिन रविवार सुबह आसनसोल के बस्तिन बाजार स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचे कृष्णेंदु मुखोपाध्याय। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और लंबे समय से मंदिर में नित्य पूजा बंद रहने को लेकर पूर्व सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय को खुश करने और वोट बैंक की राजनीति के कारण पिछले 15 वर्षों से मंदिर में नियमित पूजा बंद कर दी गई थी।गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आसनसोल उत्तर सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे कृष्णेंदु मुखोपाध्याय ने वादा किया था कि विधायक बनने के बाद वह बस्तिन बाजार के दुर्गा मंदिर को फिर से खुलवाएंगे और वहां नित्य पूजा शुरू कराई जाएगी। चुनाव परिणाम घोषित होने के दिन शाम को मंदिर के द्वार खोले गए थे। रविवार सुबह विधायक मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।














इस दौरान भाजपा नेता दिलीप दे, दुर्गेश नागी, कृष्ण प्रसाद, प्रदीप सिंह, अजय सिंह, दिव्यांशु अग्रवाल, एसबीएफसीआई महासचिव जगदीश बागड़ी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि अब शहर के अन्य मंदिरों की तरह इस मंदिर के द्वार भी प्रतिदिन खोले जाएंगे और नियमित पूजा होगी। उन्होंने इसे सनातनी हिंदुओं के लिए ऐतिहासिक और खुशी का दिन बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मंदिर में प्रतिदिन पूजा होना शुभ माना जाता है, लेकिन पिछले 15 वर्षों से यहां ऐसा नहीं हो रहा था। अब वह दौर समाप्त हो चुका है।
उन्होंने भाजपा पर भरोसा जताने के लिए आसनसोल की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने भाजपा को मौका दिया है और अब भाजपा अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगी।उन्होंने यह भी कहा कि इस मंदिर को लेकर राजनीति की गई थी और एक दल के नेता व मंत्री ने एक समुदाय को तुष्ट करने के लिए यहां पूजा बंद रखवाई थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। मंदिर के आसपास अन्य धर्मों के लोग रहते और व्यापार करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने धर्म का पालन करने के साथ-साथ दूसरे धर्मों का सम्मान करना भी जरूरी है।
वहीं इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के राज्य सचिव वी. शिवदासन उर्फ दासु से सवाल पूछे जाने पर उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा विधायक के आरोपों को स्वीकार नहीं किया, लेकिन यह जरूर माना कि मामले को जरूरत से ज्यादा बड़ा बना दिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर उनके कार्यालय के काफी करीब है और वहां की स्थिति से वह परिचित हैं। उनके अनुसार वहां ऐसा कोई माहौल नहीं था कि इसे इतना बड़ा मुद्दा बनाया जाए, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर इसे बड़ा बनाया, जिसका खामियाजा आज पार्टी को भुगतना पड़ रहा है।

