Justice For Advik : थाने में शिकायत कराई, न्याय की गुहार
बंगाल मिरर, आसनसोल : एक माँ के लिए इससे बड़ा दर्द क्या हो सकता है कि वह अपने बच्चे को कुछ नया सीखने के लिए भरोसे के साथ स्कूल भेजे और कुछ ही देर बाद उसे उसकी बेजान देह मिले। आसनसोल के सेंट विंसेंट हाई एंड टेक्निकल स्कूल में एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना घटी , जिसने हर माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। एक बेबस माँ, श्वेता कुमारी ने अपने 10 साल के मासूम बेटे आद्विक हिलेरियन को हमेशा के लिए खो दिया है। कक्षा 6 का छात्र आद्विक स्कूल के ही समर स्विमिंग कैंप में हिस्सा ले रहा था। स्कूल ने इस कैंप के लिए 700 रुपये फीस ली थी और बच्चों की पूरी सुरक्षा का भरोसा दिया था, लेकिन 28 मई की मनहूस सुबह यह भरोसा हमेशा के लिए टूट गया।उस बदनसीब सुबह श्वेता स्कूल परिसर में ही मौजूद थीं, जब करीब 8:05 बजे एक दूसरे बच्चे ने उन्हें वह खौफनाक खबर दी कि उनका बेटा स्विमिंग पूल में डूब गया है। बदहवास होकर जब वह मौके पर दौड़ीं, तो वहां का नजारा किसी भी माँ की रूह कंपा देने वाला था। उनका बच्चा बेहोश पड़ा था और वहां उसे बचाने के लिए न तो कोई प्रशिक्षित लाइफगार्ड था और न ही कोई मेडिकल स्टाफ।













सबसे ज्यादा रुला देने वाली बात यह थी कि स्कूल के जिम्मेदार अधिकारियों के बजाय वहां मौजूद छोटे-छोटे बच्चे आद्विक को होश में लाने की नाकाम कोशिश कर रहे थे।मासूम की जान जा रही थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इंसानियत को ताक पर रखते हुए किसी भी एंबुलेंस या तुरंत इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की। एक तड़पती माँ की मदद के लिए अंततः एक अन्य अभिभावक आगे आए, जिन्हें मजबूरी में समय बचाने के लिए बच्चे को अपनी स्कूटी पर बैठाकर हिल व्यू नर्सिंग होम ले जाना पड़ा। वहां से उसे आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने आद्विक को मृत घोषित कर दिया।
बेटे को खोने के इस असहनीय दर्द के बीच परिवार का दुख तब और गहरा हो गया जब स्कूल ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। रोते-बिलखते परिजनों ने जब अपने बच्चे के आखिरी पलों की सच्चाई जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो स्कूल प्रशासन ने बड़ी बेरहमी से उन्हें फुटेज देने में असमर्थता जताई। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अपनी घोर लापरवाही और गुनाह को छुपाने के लिए सबूतों को दबाने की कोशिश कर रहा है।
इस अपूरणीय क्षति से टूट चुकीं श्वेता कुमारी ने अब आसनसोल (दक्षिण) पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और अपने मासूम बेटे के लिए इंसाफ मांगते हुए स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल और ट्रेनर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की गुहार लगाई है।
वही आश्चर्य की बात है कि इस घटना के बाद आसनसोल में ना ही किसी सामाजिक संगठन कल द्वारा इस बच्चे कोई इंसाफ दिलाने के लिए कोई आवाज उठाई जा रही है


