Asansol बहन की जान लेने की कोशिश करने वाले भाई को 10 साल की कठोर सजा
बंगाल मिरर, आसनसोल:**पारिवारिक विवाद में अपनी ही बहन की जान लेने का प्रयास करने वाले एक कलयुगी भाई को अदालत ने कानून का कड़ा पाठ पढ़ाया है। माननीय जिला न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है।













क्या था मामला?
यह सनसनीखेज मामला पिछले साल 8 अप्रैल 2025 का है, जब मोहम्मद अरमान नामक व्यक्ति ने अपनी सगी बहन की बेरहमी से हत्या करने की कोशिश की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला संख्या 144/25 दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
वैज्ञानिक जांच से मजबूत हुआ मामला
पुलिस प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। जांच टीम ने पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ-साथ आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों का सहारा लिया। घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए और उनका फोरेंसिक परीक्षण कराया गया। इन पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के दम पर जांचकर्ताओं ने अदालत के सामने पूरी घटना की कड़ियों को बिना किसी संदेह के जोड़कर रख दिया।
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद, 15 जून 2026 को माननीय जिला न्यायाधीश ने आरोपी मोहम्मद अरमान को दोषी पाया। अदालत ने उसे निम्नलिखित सजा सुनाई: * **10 वर्ष का सश्रम कारावास** (कठोर कारावास) * **6 महीने का साधारण कारावास** * **आर्थिक जुर्माना** (जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान)> **पुलिस का संदेश:** आसनसोल उत्तर थाना पुलिस की इस मुस्तैद और वैज्ञानिक तफ्तीश की समाज में सराहना हो रही है। यह फैसला साफ संदेश देता है कि घर की चारदीवारी के भीतर होने वाली हिंसा को भी कानून बर्दाश्त नहीं करेगा और अपराधियों को उनके किए की सजा मिलकर रहेगी।



