ईएसआई का पैसा कटने के बावजूद नहीं मिल रहा इलाज घायल श्रमिक को लेकर रानीगंज के जूट मिल में कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन
*बंगाल मिरर, रानीगंज, राजा बंदोपाध्याय*: कागजों पर हर महीने श्रमिकों के वेतन से ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) के लिए राशि काटी जाती है, लेकिन दुर्घटना के बाद उन्हें चिकित्सा सेवाओं से वंचित होना पड़ रहा है। इसी आरोप को लेकर सोमवार को रानीगंज के मंगलपुर स्थित हुगली जूट मिल के श्रमिकों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।जानकारी के अनुसार, गत गुरुवार को जूट मिल में कार्यरत श्रमिक आनंद बागड़ी काम के दौरान एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में उनके हाथ की एक उंगली कट गई। इसके बाद उन्हें ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने का आरोप उनके सहकर्मियों ने लगाया है।इस घटना के विरोध में सोमवार सुबह से ही श्रमिकों ने काम बंद कर जूट मिल परिसर में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि हर महीने वेतन से नियमित रूप से ईएसआई का पैसा काटा जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अस्पताल में उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती।














प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि घायल श्रमिक को ईएसआई अस्पताल में समुचित इलाज क्यों नहीं दिया जा रहा है और इसके लिए जवाबदेही तय की जाए।श्रमिकों के एक वर्ग का दावा है कि इस स्थिति के लिए जूट मिल प्रबंधन की लापरवाही भी जिम्मेदार है। हालांकि, इस आरोप के संबंध में जूट मिल प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।सोमवार के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर इलाके में काफी हलचल और तनाव का माहौल देखा गया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने मांग की कि घायल श्रमिक आनंद बागड़ी के लिए शीघ्र बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की जाए तथा ईएसआई से जुड़ी सभी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में किसी भी श्रमिक को चिकित्सा सेवाओं से वंचित न होना पड़े, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में वे और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।यदि चाहें, मैं इसे समाचार पत्र शैली में और अधिक पेशेवर हिंदी में भी तैयार कर सकता हूँ।


