औद्योगिक संस्थान पर आयकर छापे में 700 करोड़ की गड़बड़ी मिली

बंगाल मिरर, एस सिंह(क्राइम रिपोर्टर) :  बड़े औद्योगिक समूह  के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी  में 700 करोड़ रुपये के हेरफेर का पता चला है। विश्वकर्मा पूजा के दिन से शुरू की गई कार्रवाई 2 दिन तक चलने के बाद इस अभियान में 700 करोड़ की टैक्स चोरी का पता चला है। सीबीडीटी ने मंगलवार को कहा कि आयकर विभाग ने बंगाल के एक इस्पात उत्पाद विनिर्माता समूह पर छापेमारी के बाद कथित तौर पर 700 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी के ‘अपराध सिद्ध करने वाले सबूत’ जब्त किए हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि उक्त समूह के कुल 25 परिसरों में छापे मारे गये। इनमें व्यवसाइयों के घर और कंपनी के कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल और पुरुलिया स्थित कार्यालय एवं कारखाने शामिल हैं।

20 लाख कैश जब्त, 2 लॉकर खुलने बाकी

इसमें कहा गया कि 20 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की गयी है, जबकि दो लॉकर खोले जाने अभी बाकी हैं। सीबीडीटी के अनुसार समूह द्वारा बेहिसाब नकद बिक्री, बेहिसाब नकद व्यय, फर्जी पार्टियों से खरीद, वास्तविक उत्पादन की गलत जानकारी, स्क्रैप की नकद खरीद, भूमि खरीद-बिक्री के कई दस्तावेजों के माध्यम से ‘बेहिसाब आय’ जमा करने से जुड़े सबूत पाए गए हैं।

सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि बेहिसाब आय को असुरक्षित ऋणों के रूप में और शेल इकाइयों के शेयरों की बिक्री के रूप में दिखाया गया। समूह के सदस्यों में से एक की संपत्तियों के कई दस्तावेज भी जब्त किए गए जिनमें जमीन और संपत्ति का स्वामित्व अलग-अलग नामों से है।200 फर्जी कम्पनियों का पता चला : उनके गुप्त बैक ऑफिस से, शेल कंपनियों के शेयरों की बिक्री, शेल संस्थाओं से असुरक्षित ऋण, फर्जी बिलिंग जैसे तरीकों के माध्यम से आवास प्रविष्टियां प्रदान करने से संबंधित कई अहम दस्तावेज पाए गए हैं।बोर्ड ने कहा कि एंट्री ऑपरेटर के परिसर से 200 से अधिक बैंक खातों का प्रबंधन करने वाली लगभग 200 कंपनियों / संस्थाओं का पता चला है। इन दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के आधार पर, ऐसा प्रतीत होता है कि इन बैंक खातों और संस्थाओं का इस्तेमाल कई लाभार्थियों की बेहिसाब आय को रूट करने के लिए किया गया है।

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