Asansol देवदीप Murder : पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
बंगाल मिरर, आसनसोल:शहर के सेन रेल रोड स्थित नव अनन्या कॉम्प्लेक्स निवासी देवदीप चटर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने आसनसोल की राजनीति में हलचल मचा दी है। 24 अप्रैल की रात हुई इस घटना को लेकर पहले हत्या के आरोपों और राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर शुरू हुआ, वहीं अब पुलिस जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं।क्या है पूरा मामलापुलिस के अनुसार, 24 अप्रैल की रात देवदीप चटर्जी अपने परिवार के साथ एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान भगत सिंह मोड़ के पास उनकी शुभोजित मंडल नामक व्यक्ति से कहासुनी हो गई। इसके बाद जब वह बाइक से घर लौट रहे थे, तो पांच मुंहा पुल पार करने के बाद उनकी फिर से रविउल आलम के साथ बहस हुई।














आरोप है कि इस दौरान रविउल आलम ने उनकी पिटाई की। इसके बाद जब देवदीप अपने आवास नव अनन्या कॉम्प्लेक्स पहुंचे, तो वहां भी शुभोजित मंडल और रविउल आलम पहुंचे और उनके साथ मारपीट की गई। सीसीटीवी फुटेज में इस घटना की पुष्टि भी हुई है, जिसमें देवदीप को पीटते हुए देखा गया है। मारपीट के बाद वह बेहोश हो गए।इलाज में देरी बनी मौत की वजहपुलिस ने बताया कि घटना के समय देवदीप और आरोपी दोनों ने शराब पी रखी थी। जब देवदीप बेहोश हुए, तो परिजनों को लगा कि वह नशे के कारण अचेत हैं, जिससे तुरंत इलाज नहीं कराया गया।हालांकि, 25 अप्रैल की सुबह जब काफी देर तक उन्हें होश नहीं आया, तब उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाईदेवदीप चटर्जी की पत्नी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो के नाम एफआईआर में दर्ज हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास है या नहीं।गार्ड की भूमिका भी जांच के दायरे मेंघटना के दौरान कॉम्प्लेक्स के गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सीसीटीवी में देखा गया कि गेट के सामने मारपीट हो रही थी, लेकिन गार्ड ने गेट नहीं खोला।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसने ऐसा क्यों किया।राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपइस घटना के बाद कांग्रेस ने इसे हत्या बताते हुए राजनीतिक रंग दिया। आसनसोल उत्तर के कांग्रेस प्रत्याशी प्रसनजीत पुईतुंडी ने आरोप लगाया था कि देवदीप को इसलिए मारा गया क्योंकि उन्होंने कांग्रेस को वोट दिया था और हमलावर कथित तौर पर टीएमसी से जुड़े थे।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मृतक का शव आसनसोल साउथ पुलिस पोस्ट के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
वहीं, टीएमसी नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बिना जांच के इस घटना को राजनीतिक रंग देना गलत है।पुलिस का बयानआसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी सेंट्रल ध्रुव दास ने स्पष्ट किया कि अब तक जांच में कोई राजनीतिक एंगल सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

