“कोयला-बालू के पैसे की वसूली पर उत्पल का विस्फोटक बयान, अग्निमित्रा का जवाब— ‘इतने दिन चुप क्यों थे?'”
बंगाल मिरर, आसनसोल : पश्चिम बर्दवान में कोयला, बालू और लोहे के कारोबार से धन संग्रह, राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल तथा कोलकाता तक पैसे पहुंचाने के आरोपों को लेकर तृणमूल कांग्रेस नेता और आसनसोल नगर निगम के बोरो-3 के चेयरमैन उत्पल सिंह की एक फेसबुक पोस्ट ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्ट सामने आते ही पूरे जिले में चर्चा तेज हो गई है और इस विवाद में नया मोड़ देते हुए राज्य की मंत्री एवं आसनसोल दक्षिण की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने भी प्रतिक्रिया दी है।फेसबुक पोस्ट में उत्पल सिंह ने दावा किया कि पश्चिम बर्दवान में कोयला, बालू और लोहे के कारोबार से होने वाली पैसों की वसूली में कुछ “विश्वासघाती” लोग शामिल थे।













उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण कई युवक गलत रास्ते पर चले गए और नेता बनने की चाह में कोलकाता तक पैसे पहुंचाने की एक संस्कृति विकसित हो गई थी।पोस्ट में उन्होंने लिखा, “हमारे कई अच्छे लड़के आर्थिक अभाव के कारण गलत रास्ते पर चले जाते हैं। नेता बनने के लिए कोलकाता तक पैसा पहुंचाना पड़ता है। बदकिस्मती से अच्छे लड़के आज चोर बन गए हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असली राजनीतिक कार्यकर्ता तैयार करने के बजाय कुछ नेताओं ने गुंडों और वसूलीबाजों को संरक्षण दिया। ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी भी जरूरी है।उत्पल सिंह की इस विस्फोटक टिप्पणी के सामने आने के बाद राज्य मंत्री अग्निमित्रा पाल ने पलटवार किया।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आम लोग डर के कारण अब तक चुप थे, तो क्या तृणमूल के नेता भी किसी डर की वजह से अब तक चुप बैठे थे?अग्निमित्रा पाल ने कहा, “अब बहुत लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। लेकिन इतने दिन कहां थे? अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलना था, तो पहले क्यों नहीं बोले?” उन्होंने साफ कहा कि भाजपा में शामिल हो जाने मात्र से कोई अपने पुराने कर्मों की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाएगा।मंत्री ने कहा, “भाजपा में आकर सफाई देने का मौका नहीं मिलेगा। यदि कोई भ्रष्टाचार में शामिल रहा है, तो सिर्फ पार्टी बदल लेने से उसे राहत नहीं मिलेगी। सौखात मोल्ला की तरह ही उसका भी न्याय होगा।
भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”हालांकि उत्पल सिंह ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कोयला-बालू कारोबार, धन संग्रह और राजनीतिक नेतृत्व तक पैसे पहुंचाने के मुद्दे को लेकर पश्चिम बर्दवान के राजनीतिक गलियारों में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। सत्तारूढ़ दल के एक जनप्रतिनिधि की ऐसी टिप्पणी ने तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी हालात को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।उत्पल सिंह की विस्फोटक फेसबुक पोस्ट और उसके जवाब में अग्निमित्रा पाल की तीखी प्रतिक्रिया के चलते जिले का राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है।


