Asansol : सिख वेलफेयर सोसायटी का दसवां एजुकेशन एवं एक्सीलेंस अवार्ड
पद्मभूषण प्राप्त सरदार जितेंद्र सिंह संटी, इथलेिक वर्ल्डरिकार्ड जोरावर सिंह रहे मुख्य आकर्षण का केंद्र
डिप्टी मेयर अभिजीत घटक चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि हुए सम्मानित
बंगाल मिरर, आसनसोल : सिख वेलफेयर सोसायटी द्वारा आसनसोल रवींद्र भवन में दसवां एजुकेशन एवं एक्सीलेंस अवार्ड का आयोजन रविवार को किया गया। जिसमें मेधावी विद्यार्थियों तथा समाज के विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया।इस आयोजन में आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों का सक्रिय सहयोग रहा। सोसाइटी के संस्थापक सुरजीत सिंह मक्कड़ ने कहा कि दसवीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट की परीक्षओं में अच्छे नंबर लानेवाले सिख विदयार्थियों को सम्मानितकिया गया। इसमें पश्चिम बर्द्धमान जिला व कुमारधुबी के भी बच्चों ने भग लिया। सोसाइटी के चेयरमैन कुलदीप सिंह सलूजा ने बताया कि पद्मश्री से सम्मनित जतिंदर सिंह शंटी को सिंह इज किंग का अवार्ड सौपा गया। कोरोना काल में जिस तरह से उन्होंने लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार किया सराहनीय है।














सोसाइटी के प्रधान जगदीश सिंह, सचिव रणजीत सिंह डोल, उप चेयरमैन महिंदर सिंह सलूजा ने बताया कि स्कीपिंग एथलीट जोरावर सिंह को कौम दे हीरे का अवार्ड दिया गया। उन्होंने पूरी दुनिया में देश और सिखों कानाम रोशन किया है। उसके साथ एक्सीलेंस व सिख स्टूडेंट अवार्ड दिया गया है।कार्यक्रम की शुरुआत कीर्तन बीबी गुजरी जत्था धनबाद की तरफ से किया गया। उसके बाद अतिथियों को सम्मानित किया गया। जमशेदपुर से आए धर्म प्रचार कमेटी की तरफ से शाखा ननकाना साहिब के बारे में नाट्य रूपांतरण दर्शाया गया।

आसनसोल निगम के अमरनाथ चटर्जी ने कहा कि सोसाइटी बीते दस साल से समाज कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रहे है। इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रम भी करते है। सभी को अपने धर्म के प्रति सजग रहने के साथ दूसरे धर्म का सम्मान करना चाहिए, तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर आसनसोल नगरनिगम के घोषित उपमेयर अभिजीत घटक, आसनसोल जिला अस्पताल के अधीक्षक डा. निखिल चंद्र दास, पार्षद तपन बनर्जी, मौसमी बसु, सिख वेलफेयर सोसाइटी के चेयरमैन कुलदीप सिंह सलूजा, जगदीश सिंह, तरसेम सिंह, दीपक, सिंह बेदी, हरजीत सिंह बग्गा, हरजीत सिंह मक्कड़ ,संतोख सिंह, हरिनारायण अग्रवाल, ओम बाजोरिया, प्रबीर धर, सतपाल सिंह कीर, बीआरएस के प्राचार्य सुशील कुमार सिन्हा, सचिन राय आदि मौजूद थे।

