Asansol में EVM की ‘तिजोरी’ पर कड़ा पहरा: स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर डटे दलों के कार्यकर्ता, 4 मई तक चौकसी
बंगाल मिरर, आसनसोल। पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड 90.33% वोटिंग के बाद अब पश्चिम बर्दवान जिले में सियासी हलचल बूथों से निकलकर स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंच गई है। आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता डटे हुए हैं, जहां पांच विधानसभा सीटों की किस्मत EVM में बंद है।तीन स्तरीय सुरक्षा में कैद EVMप्रशासन के अनुसार, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। बाहरी घेरे में राज्य पुलिस, मध्य घेरे में केंद्रीय बल (CRPF) और अंदर डिजिटल निगरानी प्रणाली तैनात है। हर गतिविधि पर CCTV और वीडियोग्राफी के जरिए नजर रखी जा रही है।














DM का दावा—पूरी तरह सुरक्षित हैं मशीनेंजिला शासक एस. पोन्नबलम ने शुक्रवार को स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, “सभी EVM मशीनों को प्रत्याशियों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में सील किया गया है। केंद्रीय बल 24 घंटे तैनात हैं। सुरक्षा इतनी सख्त है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।”BJP ने उठाए सवाल, सतर्कता जारीभाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल ने TMC पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी को जनता पर भरोसा है, लेकिन सत्तारूढ़ दल की नीयत पर संदेह है। उन्होंने मतदान के दिन अपनी गाड़ी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लगातार निगरानी कर रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप—EVM बदलने की आशंकाकांग्रेस प्रत्याशी प्रसेनजीत पुईतुंडी ने EVM सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि EVM बदलने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और प्रशासन को सभी दलों को स्वतंत्र निगरानी की अनुमति देनी चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा कायम रहे।5 सीटों की किस्मत बंदआसनसोल उत्तर, आसनसोल दक्षिण, कुल्टी, बाराबनी, और जामुड़िया विधानसभा क्षेत्रों की EVM मशीनें स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं।
4 मई को होगा फैसलाप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 4 मई को मतगणना के दिन ही स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाएगा। तब तक सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि वहां डेरा डाले हुए हैं और लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।रिकॉर्ड मतदान के बाद अब सबकी नजर स्ट्रॉन्ग रूम पर टिकी है, जहां बंद EVM मशीनें आने वाले नतीजों का फैसला करेंगी।

