West Bengal

पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों में मनाया जाएगा ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति पक्ष’, शिक्षा निदेशालय ने जारी किया आधिकारिक आदेश

बंगाल मिरर, कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिलों के विद्यालय निरीक्षकों (DI) को एक महत्वपूर्ण और आधिकारिक निर्देश जारी किया है। , स्कूल शिक्षा (प्रशासन) के उप निदेशक द्वारा दिनांक 22 जून 2026 को मेमो नंबर *742-SC/APE* के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
इस आदेश के अनुसार, राज्य के सभी स्कूलों में 23 जून से 6 जुलाई 2026 तक **’डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पाक्षिक (Fortnight)’** का आयोजन किया जाएगा। यह अवधि 23 जून 2026 को उनकी पुण्यतिथि और 6 जुलाई 2026 को उनकी जयंती के उपलक्ष्य में चुनी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के बीच डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, कार्यों, लेखनों और योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


### पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम


निदेशालय ने स्कूलों को इस पाक्षिक आयोजन के लिए उपयुक्त बंगाली नाम जैसे **“ড. শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায় স্মৃতি পক্ষ”** (डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति पक्ष) अपनाने की सलाह दी है। इस दौरान प्रत्येक विद्यालय को कम से कम 3 से 4 शैक्षणिक और स्मरणीय कार्यक्रमों का आयोजन करना होगा, जिनमें निम्नलिखित गतिविधियां शामिल हो सकती हैं:
* **मेमोरियल लेक्चर्स (स्मृति व्याख्यान) और सेमिनार**
* **निबंध प्रतियोगिताएं और वाद-विवाद (Debates)**
* **उनके लेखनों और भाषणों पर आधारित वाचन सत्र (Reading Sessions)**
* **उनके जीवन और योगदान को रेखांकित करने वाली प्रदर्शनियां (Exhibitions)**
* **संस्थान के भीतर उपयोग के लिए संसाधन सामग्रियों का विकास और प्रसार**
* **संभव होने पर राज्य अभिलेखागार निदेशालय से उपलब्ध अभिलेखीय सामग्रियों का अध्ययन**


### ‘शीर्ष प्राथमिकता’ के तहत रिपोर्ट भेजने का निर्देश


आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस पहल को **’अति आवश्यक’** माना जाए और इसे **’शीर्ष प्राथमिकता’ (Topmost Priority)** दी जाए। सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रमों में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही, आयोजित की गई गतिविधियों की एक संक्षिप्त रिपोर्ट, जियो-टैग्ड (geo-tagged) तस्वीरों और प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ उच्च अधिकारियों को भेजनी होगी, जिसे भविष्य के संदर्भ और रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

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