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श्रीपंचखण्ड पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी श्री धर्मेन्द्र महाराज के निधन से शोक की लहर

बंगाल मिरर, आसनसोल: श्रीपंचखण्ड पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी श्रीधर्मेन्द्र महाराज सनातन धर्म के अद्वितीय व्ख्याकार,प्रखर वक्ता एवं ओजस्वी वाणी के रामानन्दी संत थे, विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में शामिल रहे,1965के गोहत्या बन्द करवाने के आन्दोलन के नेतृत्व कर्ता थे, आचार्य महाराज का पूरा जीवन हिंदी, हिंदुत्व और हिन्दुस्थान के उत्कर्ष के लिए समर्पित रहा है।

File photo

रामजन्म भूमि आन्दोलन के अग्रणी सन्त थे, उन्होंने अपने पिता महात्मा रामचन्द्र वीर महाराज के समान उन्होंने भी अपना सम्पूर्ण जीवन भारतमाता और उसकी संतानों की सेवा में, अनशनों, सत्याग्रहों, जेल यात्राओं, आंदोलनों एवं प्रवासों में संघर्षरत रहकर समर्पित किया है। राजस्थान के विराटनगर में उनका मठ एवं पावनधाम आश्रम है, जहां दिनांक-20/9/2022 को सवेरे-11.15 बजे उनका विधी विधान पूर्वक संतों शिष्यों और अनुयायियों के बीच अन्तिम संस्कार किया जाएगा। आसनसोल में उनके अनन्य भक्त अनिल जालान ने उनके निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि गुरु जी का जाना हम सबों के लिए और समाज के लिए बड़ी क्षति है।

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