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ASANSOLधर्म-अध्यात्म

सनातन से बड़ा कोई धर्म नहीं : स्वामी आत्मप्रकाश जी महाराज

बंगाल मिरर, आसनसोल :  आसनसोल गौशाला में मुरारका परिवार द्वारा आसनसोल महावीर स्थान सेवा समिति के सहयोग से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन मंगलवार को कथावाचक स्वामी आत्म प्रकाश जी महाराज ने रास लीला एवं गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग पर कथा सुनायी। गुरुजी ने मोक्ष पर कथा सुनाई। मौके पर महावीर स्थान सेवा समिति के सचिव अरुण शर्मा, बालकिशन मुरारका का पूरा परिवार, मोहन केशव भाई सहित पटेल परिवार, , राजकुमार शर्मा, नारायण मुरारका, बाल कृष्णा मुरारका, सरस मुरारका, सरोज मुरारका, पंखुड़ी मुरारका, शुचि पोद्दार, सुमित्रा टेबरेवाल, स्वेता टेबरेवाल, कपूर अग्रवाल, नारायण मुरारका, पुरषोत्तम मुरारका, नीलम मुरारका, सोनल टेबरेवाल, राजू पोद्दार, अन्नु पोद्दार, महेश झुनझुनवाला, मधु झुनझुनवाला, सुनीला अग्रवाल, राजू पोद्दार, निरंजन शास्त्री, कृष्णा पंडित सहित सैंकड़ों महिलाएं व पुरुष भक्त उपस्थित थे।

स्वामी आत्म प्रकाश जी महाराज ने कहा कि 1 क्विंटल लकड़ी जलाने के लिए माचिस के एक तिली की जरूरत पड़ती है।एक सौ क्विंटल लकड़ी या 500 क्विंटल लकड़ी को भी एक तिली जाल देती है। इसी तरह गुरु का नाम जपते जपते जिस दिन भगवान का दर्शन हो जाए। उसी दिन मोक्ष की प्राप्ति हो जाएगी। वहीं गुरुजी ने एक सेठ की कहानी सुनायी। सेठ के मिठाई की दुकान थी। सेठ बड़ा ही कंजूस था। एक संत महात्मा उसके दुकान पर आए। सेठ ने संत महात्मा जी का बंदन किया। उनको भरपेट मिठाई खिलाई। मिठाई खिलाने के बाद दक्षिणा भी दी। वहीं सेठ की दुकान के सामने बैठे भिखारियों ने देखा। उन लोगों को बड़ा गुस्सा आया। सेठ हम लोगों को कुछ भी नहीं खिलाता है।

उनका कहना था कि जिसने मिठाई खिलाया उसमें भी राम, जिस ने धक्का दिया उसमें भी राम, जिसने भी उठाया उसमें भी राम जी है। सारे जगत में राम ही राम है। सुख दुख में राम हैं । इसे जगत में आप क्रोध को रोक सकते है। यह सबसे अच्छा उपाय है कि राम का नाप जपते रहे। सबके भीतर राम है, जिस दिन एक बार भी राम का दर्शन हो जाएगा। उस दिन मोक्ष की प्राप्ति हो जाएगी। गुरुजी ने कहा की हम सब हिंदू, मुस्लिम, सिख ईसाई सभी एक एक ही परमात्मा के कई संताने हैं। गुरुजी ने कहा कि सनातन धर्म से बड़ा धर्म कोई नही है। सनातन धर्म कभी किसी का बुरा नहीं चाहा है। सनातन धर्म में जो कुछ है। वह कहीं नहीं है।

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