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ED का सनसनीखेज खुलासा, कोयले की काली कमाई से करोड़ों के गेस्ट हाउस की डील

ईडी का दावा कोयले की काली कमाई को लिंक मैन के माध्यम से किया गया व्हाइट

बंगाल मिरर,  कोलकाता : ( ED Raid In Kolkata ) कोयला तस्करी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कोलकाता के बालीगंज इलाके में स्थित  अर्ली स्ट्रीट में रियल इस्टेट समूह गजराज ग्रुप के ठिकाने पर छापामारी कर 1.40 करोड़ रुपये नकद जब्त किया है। इसके साथ ही इडी की टीम ने कंपनी के दो मालिक एवं अकाउंटेंट को इसी सप्ताह दिल्ली में स्थित इडी के मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। इडी की तरफ से इस छापेमारी के बाद सनसनीखेज दावा किया गया है। इडी की तरफ प्रेस विज्ञप्ति में गावा किया गया है कि राज्य के एक प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियत कोयला तस्करी के रुपये स एक गेस्ट हाउस को खरीद रहे थे। इसी के भुगतान के लिए यह रुपये गजराज ग्रुप के दफ्तर में लाकर रखे गये थे। छापामारी की कार्रवाई बुधवार रात को की गयी। गुरुवार को प्रेस को इसकी जानकारी दी गयी।

कोलकाता के बालीगंज इलाके में गजराज ग्रुप के मालिक विक्रम शिकारिया के यहां छापेमारी के दौरान 1.40 करोड़ रुपये की बरामदगी और पूछताछ में कई और लोगों के बारे में पता चला है। ईडी सूत्रों ने गुरुवार दोपहर बताया है कि शिकारिया से लगातार 10 घंटे तक पूछताछ हुई है, जिसमें से एक और प्रभावशाली कारोबारी के बारे में पता चला है। उसका नाम मनोजीत सिंह ग्रेवाल उर्फ जित्ती भाई है। उसका भी रियल स्टेट का कारोबार है। कोलकाता के साथ-सा उसका फूड चेन का कारोबार भी है। दावा है कि कोयला तस्करी से हासिल हुए गैरकानूनी रुपये को मनजीत के पास भी पहुंचाया गया था, जहां से उसे वाइट मनी में तब्दील किया गया है। उसकी भी तलाश में ईडी की टीम ने छापेमारी शुरू कर दी है। छापेमारी में बरामद हुए दस्तावेज, पेनड्राइव, कंप्यूटरयू, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और डायरी की जांच से इस दूसरे कारोबारी के बारे में खुलासा हुआ है।

ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि एक विशेष ख़ुफ़िया इनपुट इकट्ठा किया गया था कि एक अत्यधिक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति अपने करीबी विश्वासपात्र मंजीत सिंह ग्रेवाल उर्फ जित्ती भाई के माध्यम से कोयले की तस्करी से हुई आय को सफेद करने का प्रयास कर रहा था।  तदनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने अर्ल स्ट्रीट, कोलकाता स्थित गजराज समूह के कार्यालय में 08.02.23 को एक जाल बिछाया और  कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप रुपये की जब्ती हुई।  1.4 करोड़ कैश।  यह पैसा कम कीमत पर सालासर गेस्ट हाउस नामक संपत्ति के लिए लगभग 9 करोड़ के कुल नकद भुगतान का द हिस्सा था।  इस संपत्ति का बाजार मूल्य 12 करोड़ रुपये से अधिक है।  , हालांकि उसका रजिस्ट्री मूल्य 3 करोड़ रुपये के आसपास दिखाया गया है। ईडी का दावा है कि यह व्यक्ति कोयले की काली कमाई को व्हाइट करने में भी शामिल है।

भाजपा का दावा मंजीत सिंह ग्रेवाल टीएमसी हिन्दी सेल के हैं शाखा अध्यक्ष ?

इस प्रकरण को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. सुकांत मजूमदार ने एक तस्वीर ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि जिस मंजीत सिंह ग्रेवाल का जिक्र ईडी द्वारा किया गया है। वह टीएमसी नेताओं के करीबी हैं। वह दक्षिण कोलाकाता टीएमसी हिन्दी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी हैं।

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