तारातला बचाव अभियान में अद्वितीय योगदान बंगाल के मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुई पूर्व रेलवे की टीम
*बंगाल मिरर, कोलकाता, राजा बंदोपाध्यायः* कोलकाता के तारातला में गत 24 जून को निर्माणाधीन शेड के ढह जाने से एक बड़ा हादसा हुआ था। इस दर्दनाक दुर्घटना में शेड में कार्यरत 15 से अधिक श्रमिकों की मृत्यु हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। उस समय की स्थिति समय के खिलाफ एक कठिन लड़ाई जैसी थी। जब पूरा शहर चिंता और बेचैनी में डूबा हुआ था, तभी हावड़ा, सियालदह और लिलुआ रेलवे वर्कशॉप के कुशल कर्मचारियों से गठित पूर्व रेलवे की समर्पित रेस्क्यू एंड रिलीफ टीम सीधे घटनास्थल पर पहुंच गई।राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, कोलकाता पुलिस तथा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रेलवे कर्मियों ने लगातार 24 घंटे तक अथक परिश्रम किया।














मलबे में फंसे लोगों को बचाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए उन्होंने असाधारण साहस, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया।उनकी इस मानवीय और अथक सेवा को राज्य सरकार ने सम्मानित किया है। कोलकाता पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं उपस्थित रहे और संकट की घड़ी में उत्कृष्ट सेवा देने वाली विभिन्न आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सम्मानित किया। पूर्व रेलवे की ओर से यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता (पीसीएमई) परमानंद शर्मा ने ग्रहण किया।
इसके साथ ही त्वरित प्रतिक्रिया, तकनीकी दक्षता और लोगों की जान बचाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए पूर्व रेलवे के 90 अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया।यह सम्मान पूरे रेलवे परिवार के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय संकट के समय उनकी तकनीकी क्षमता और सदैव तत्पर रहने की भावना को दर्शाता है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि की सराहना करते हुए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर ने नागरिक प्रशासन के साथ उत्कृष्ट समन्वय और मैदान में उतरकर वीरतापूर्वक कार्य करने के लिए बचाव दल के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।इस संबंध में पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा, “यह सम्मान हमारी बचाव टीम के प्रत्येक सदस्य का है, जिन्होंने आम लोगों के सबसे कठिन समय में अपनी नींद और आराम की परवाह किए बिना निरंतर सेवा दी। यह देश के प्रति पूर्व रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित करता है और दर्शाता है कि जब भी आवश्यकता होगी, रेलवे की टीम सर्वोच्च पेशेवर दक्षता के साथ सेवा देने के लिए सदैव तैयार रहेगी।”


