SAIL ISP प्रबंधन के एकतरफा शनिवार ड्यूटी सर्कुलर पर बीएमएस की पहल पर लगी रोक
बंगाल मिरर,आसनसोल: सेल (SAIL) के IISCO स्टील प्लांट (ISP) प्रबंधन द्वारा नॉन-वर्क्स नॉन-एक्जीक्यूटिव (मिनिस्ट्रियल) कर्मचारियों के लिए शनिवार को फुल-डे ड्यूटी लागू करने वाले एकतरफा सर्कुलर के खिलाफ चल रहे विवाद में कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
उप मुख्य श्रम आयुक्त (Dy. CLC), आसनसोल के कार्यालय में आज प्रबंधन और बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (BMS) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में यह सफलता हासिल हुई। बैठक की अध्यक्षता Dy. CLC श्री के.सी. साहू ने की, जिसमें औद्योगिक विवाद संख्या (Industrial Dispute Ref. No.: 1/77/2026/E) पर विस्तार से चर्चा हुई।














*प्रमुख बिंदु एवं बैठक का विवरण* :
विवाद का मुख्य कारण: प्रबंधन द्वारा बिना किसी पूर्व सहमति के 21 अगस्त 2026 को जारी किए गए सर्कुलर (संख्या: HR/CF/RULES/2026/32) के तहत शनिवार को पूर्ण दिवस कार्य अनिवार्य करने का विरोध किया गया था।
*बीएमएस (BMS) का कड़ा रुख*
: बैठक के दौरान बीएमएस की ओर से प्रबंधन के इस एकतरफा फैसले का पुरजोर विरोध किया गया। यूनियन ने स्पष्ट किया कि इस तुगलकी फरमान के खिलाफ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया है और प्रबंधन द्वारा जारी नोटिस (धारा 40) पर भी अपनी कड़ी आपत्ति जताई है।
समानता का तर्क: बीएमएस ने दलील दी कि एक ही जिले और एक ही Dy. CLC के दायरे में आने वाले अन्य सेल यूनिट (जैसे डीएसपी – DSP) में जब मिनिस्ट्रियल स्टाफ के लिए दूसरे और चौथे शनिवार को पूर्ण अवकाश का नियम लागू है, तो आईएसपी में भी या तो पुरानी व्यवस्था बहाल रखी जाए या उसी तर्ज पर दूसरा और चौथा शनिवार ऑफ रखा जाए।
*Dy. CLC का निर्देश एवं निर्णय* :
दोनों पक्षों को सुनने के बाद Dy. CLC श्री के.सी. साहू ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
प्रबंधन नए शनिवार कार्य व्यवस्था के क्रियान्वयन को स्थगित रखे और पूर्ववत व्यवस्था को बनाए रखे।
यूनियन द्वारा उठाए गए तर्कों के आधार पर दूसरे और चौथे शनिवार को पूर्ण अवकाश की प्रथा का पालन किया जाए।
आगामी यूनियन चुनाव और मान्यता प्राप्त यूनियन/कौशल के गठन के बाद, प्रबंधन निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करे और आपसी सहमति से अंतिम समाधान निकाले।
इस अंतिम निर्णय की प्रति Dy. CLC के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
*महासचिव संजीत बनर्जी का बयान* :
इस ऐतिहासिक जीत पर बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (BMS) के महासचिव श्री संजीत बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा:
“यह फैसला किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सेल आईएसपी के तमाम मेहनती और संघर्षशील कर्मचारियों की एकता की जीत है। प्रबंधन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए बिना सोचे-समझे जो एकतरफा सर्कुलर जारी किया था, कर्मचारियों ने एकजुट होकर उसका डटकर मुकाबला किया। BMS शुरू से ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी किसी भी प्रकार के अन्यायपूर्ण और कर्मचारी-विरोधी फैसलों के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ा रहेगा। यह जीत साबित करती है कि जब कर्मचारी अपने हक के लिए एकजुट होते हैं, तो न्याय जरूर मिलता है।”
बीएमएस की ओर से ठिकेदार यूनियन के अध्यक्ष महेश बनर्जी, सचिव श्रीकांत शाह एवं अर्घ्य हाजरा ने प्रतिनिधत्व किया वही प्रबंधन की ओर से सेल आईएसपी की एजीएम ट्यूलिप लकड़ा एवम मैनेजर(लॉ ) शुभम पटेल उपस्थित थे।


