West Bengal : हिंदी और उर्दू स्कूलों में बांग्ला पढ़ाने की हो व्यवस्था : सैदुल
पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस परीक्षा में हिंदी और उर्दू में परीक्षा पुनः बहाल करने की मांग
बंगाल मिरर, रानीगंज : लोकतांत्रिक सामाजिक संगठन आवाज की तरफ से आज रानीगंज के कोयला भवन में एक संवाददाता सम्मेलन किया गया इस संवाददाता सम्मेलन में संगठन के राज्य अध्यक्ष सईदुल हक जिला अध्यक्ष इफ्तिखार नायर सचिव नोमान अफशर ने संवाददाताओं को संबोधित किया आपको बता दें कि यह संगठन भाषागत अल्पसंख्यक वर्ग के लिए काम करता है इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि आलिया विश्वविद्यालय को खत्म करने की साजिश रची जा रही है यहां के वाइस चांसलर को हटाकर एक साधारण मदरसे के शिक्षक को वाइस चांसलर के तौर पर काम करवाया जा रहा है विश्वविद्यालय का नैक द्वारा मूल्यांकन भी नहीं किया जा रहा है














इसके साथ ही प्रदेश में जो हिंदी और उर्दू कॉलेज है वहां बांग्ला शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी वही संवाददाता सम्मेलन के दौरान आवाज नामक संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति राज्य सरकार के कुछ लोगों द्वारा बेची जा रही है जबकि यह मुस्लिम समुदाय के लिए गर्व का विषय है इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस की परीक्षा में हिंदी और उर्दू को हटा दिया गया है और बांग्ला में 300 अंक का प्रश्न पत्र उत्तीर्ण करना जरूरी बना दिया गया है इनका कहना है कि ऐसा करने से हिंदी और उर्दू के बच्चों को काफी परेशानी होगी क्योंकि वह शुरुआत से बांग्ला नहीं पढ़ते इस वजह से आवाज से जुड़े पदाधिकारियों ने मांग की कि तुरंत राज्य सरकार द्वारा 2 मई को लिए गए फैसले को रद्द किया जाए और पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस परीक्षा में जैसे पहले हिंदी और उर्दू में परीक्षा ली जाती थी उसे पुनः बहाल किया जाए
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