सिदाबाड़ी में फ्लोटिंग सौर विद्युत परियोजना का ग्रामीणों ने किया विरोध, डीवीसी के खिलाफ फिर तेज आंदोलन का आह्वान
*बंगाल मिरर, सालानपुर, राजा बंदोपाध्यायः* पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल के सालानपुर ब्लॉक के सिदाबाड़ी गांव से सटे मैथन डैम के जलाशय में डीवीसी यानी दामोदर वैली कॉरपोरेशन की प्रस्तावित फ्लोटिंग सौर विद्युत परियोजना को लेकर जारी गतिरोध अभी तक खत्म नहीं हुआ है। जिस सहमति के संकेत हाल ही में मिले थे, शुक्रवार सुबह स्थिति पूरी तरह बदल गई। इलाके में एक बार फिर विरोध की आग भड़क उठी।शुक्रवार को कालीपाथर ईदगाह मैदान में एक बैठक आयोजित की गई। नाराज ग्रामीणों ने बाथानबाड़ी, कालीपाथर, डोमदोहा, वृंदावनी, सिदाबाड़ी, गोगना, कालीपहाड़ी और जामताड़ा इलाके के लादना से बड़ी संख्या में पहुंचकर ‘दामोदर वैली विस्थापित संघर्ष समिति’ के बैनर तले एक आपात बैठक की।














बैठक में मौजूद सभी लोगों ने एकजुट होकर सौर विद्युत परियोजना और हाल ही में डीवीसी प्रबंधन द्वारा आयोजित बैठक का कड़ा विरोध किया।डीवीसी पर ग्रामीणों को बांटने का आरोपडीवीसी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ग्रामीणों के बीच विभाजन पैदा कर जबरन अपना निर्णय थोपने की कोशिश कर रहा है। ग्रामीणों का सवाल था कि आखिर कुछ चुनिंदा दलालों या बिचौलियों को साथ लेकर बैठक क्यों की गई?
हजारों विस्थापित परिवारों के भविष्य का फैसला करने का अधिकार उन लोगों को किसने दिया? स्थानीय सभी ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों के साथ सीधे आमने-सामने बैठक करने से डीवीसी क्यों बच रहा है?झारखंड के विस्थापितों के साथ दोहरी नीति का आरोपबैठक में झारखंड से आए प्रतिनिधियों ने भी डीवीसी की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि डीवीसी के अनुसार जलाशय के किनारे से 3 किलोमीटर की दूरी पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
जबकि सिदाबाड़ी डैम के किनारे से 2.5 किलोमीटर आगे का जलाशय क्षेत्र ही जामताड़ा (झारखंड) के अंतर्गत आता है। ऐसे में झारखंड के विस्थापित परिवारों के साथ यह भेदभावपूर्ण और दोहरी नीति क्यों अपनाई जा रही है?कड़ी चेतावनी, बड़े आंदोलन का आह्वानग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डीवीसी ने किसके साथ बैठक की, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। किसी भी परिस्थिति में इस परियोजना से संबंधित कोई काम या निर्माण सामग्री इलाके में प्रवेश नहीं करने दी जाएगी।
यदि डीवीसी जबरन काम शुरू करने की कोशिश करता है, तो उसे कड़े जनविरोध का सामना करना पड़ेगा।आंदोलन को और तेज करने के लिए समिति की ओर से घोषणा की गई है कि आगामी रविवार को ‘दामोदर वैली विस्थापित संघर्ष समिति’ के नेतृत्व में मैथन कालीपहाड़ी, गोगना (धनबाद), बाथानबाड़ी, कालीपाथर, डोमदोहा, वृंदावनी, सिदाबाड़ी और लादना (जामताड़ा) क्षेत्र के हजारों विस्थापित परिवार सिदाबाड़ी में एकत्रित होंगे और इस सौर परियोजना के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।


