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GST काउंसिल की बैठक 11 जुलाई को, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

वस्तु एवं सेवा कर (GST) से संबंधित मामलों की शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक आगामी 11 जुलाई को होगी। इस बैठक में फर्जी पंजीकरण और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर नकेल कसने सहित कई मुद्दों पर अहम चर्चा होगी।

टैक्स समेत जीओएम की रिपोर्ट पर होगी चर्चा

इस संबंध में GST परिषद ने एक ट्वीट कर कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 11 जुलाई को परिषद की 50वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित होगी। इस बैठक में जीएसटी परिषद ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और घुड़दौड़ पर टैक्स लगाने के मुद्दे पर जीओएम की रिपोर्ट पर भी चर्चा करेगी।



क्या है GST काउंसिल ?

GST काउंसिल, वस्तु एवं सेवा कर (GST) से संबंधित मुद्दों का समाधान करने वाली एक संवैधानिक निकाय है। यह केंद्र और राज्यों का एक संयुक्त मंच है। वित्त मंत्री जीएसटी परिषद की प्रमुख हैं, जबकि सभी राज्यों के वित्त मंत्री इसके सदस्य होते हैं।

GST क्या है ?

यह एक अप्रत्यक्ष कर है। जीएसटी को वस्तुओं और सेवाओं का इस्तेमाल करने पर देना पड़ता है। पहले मौजूद तमाम टैक्स एक्साइज ड्यूटी, वैट, एंट्री टैक्स, सर्विस टैक्स इत्यादि को हटाकर एक टैक्स जीएसटी लगाया जाता है। इसलिए इसे ‘वन नेशन वन टैक्स’ अर्थात् एक देश में एक कर के नाम से जाना जाता है।

पांच प्रकार की दरों पर लगता है टैक्स

जीएसटी के तहत देश में वस्तुओं और सेवाओं पर पांच प्रकार की दरों 0%, 5%, 12%, 18% और 28% का कर लगाया जाता है। GST को 101वें संविधान संशोधन अधिनियम 2016 के तहत संविधान के अनुच्छेद 279A(1) में जोड़ा गया है। भारत में जीएसटी को 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया है। इसी के तहत GST परिषद वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए कर निर्धारित करती है।  

कर चोरी रोकने के उपायों पर भी हो रहा विचार

इन सभी के बीच खास बात यह है कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) कर चोरी रोकने के लिए कुछ अन्य उपायों पर भी विचार कर रहा है। यह बात CBIC के चेयरमैन विवेक जौहरी ने कही है। उन्होंने यह भी बताया है कि इन उपायों को कानून समिति तथा GST परिषद की उचित प्रक्रिया के जरिए अमल में लाया जाएगा। इसके अलावा परिषद दर युक्तिकरण पर मंत्रियों के समूह (GoM) के संयोजक पर भी फैसला करेगी। उल्लेखनीय है कि जीओएम ने दिसंबर, 2022 में जीएसटी परिषद को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन परिषद ने इस पर चर्चा नहीं की। हालांकि, कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई अभी तक समिति के संयोजक थे। अब कर्नाटक में सरकार बदलने के साथ जीएसटी परिषद को एक नए संयोजक का चयन करना है। इस बीच जीएसटी अधिकारियों ने फर्जी पंजीकरण के खिलाफ दो महीने का विशेष अभियान भी पहले ही शुरू कर दिया है।

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