कुल्टी में साइबर ठगी का शिकार कैटरिंग व्यवसायी, फर्जी ऑर्डर के नाम पर ठगी
बंगाल मिरर, कुल्टी :कुल्टी के एक छोटे व्यवसायी विक्रम रुद्र, जो डिलीवरी और कैटरिंग का व्यवसाय चलाते हैं, एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो गए। इस मामले में फर्जी कैटरिंग ऑर्डर, नकली पहचान और ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड का आरोप सामने आया है।पीड़ित विक्रम रुद्र के अनुसार, 8282037061 नंबर से सबसे पहले उनके ससुर को फोन किया गया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को “तपेश मेडिकल” का नियमित ग्राहक बताते हुए कहा कि वह केंदुआ बाजार का निवासी है और बराकर इलेक्ट्रिक ऑफिस में कार्यरत है। उसने बताया कि उसकी सेवानिवृत्ति निकट है और वह ऑफिस के लगभग 170 कर्मचारियों के लिए भोजन का ऑर्डर देना चाहता है।आरोपी ने बार-बार जल्दी कैटरर बुक करने का दबाव बनाया, जिसके बाद विक्रम रुद्र के ससुर ने उन्हें तुरंत उस व्यक्ति से संपर्क करने को कहा।













इसके बाद विक्रम रुद्र ने उक्त नंबर पर संपर्क किया। आरोपी ने व्हाट्सएप पर मेन्यू भेजा। व्हाट्सएप प्रोफाइल में उसका नाम “रंजन सरकार” दिखाई दिया, जबकि Truecaller पर भी यही नाम प्रदर्शित हो रहा था। दूसरी ओर Samsung Caller ID में “सुब्रत दुलुई” नाम सामने आया।आरोपी ने भोजन के रेट को लेकर बातचीत की और अंततः विक्रम रुद्र द्वारा बताए गए रेट पर सहमति जता दी। उसने कहा कि दोपहर 1 बजे तक उनके मैनेजर को बराकर इलेक्ट्रिक ऑफिस भेजा जाए, जहां एडवांस भुगतान कर दिया जाएगा।बातचीत के दौरान आरोपी ने GST बिल को लेकर भी सवाल किया और बाद में कहा कि वह उसे “मैनेज” कर लेगा।
कुछ देर बाद आरोपी ने विक्रम रुद्र से एक “मदद” मांगी। उसने दावा किया कि उसने एक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान से रिटर्न गिफ्ट खरीदे हैं, जिनका कुल बिल ₹59,600 है। आरोपी के अनुसार, वह ₹50,000 पहले ही चुका चुका है और शेष ₹9,600 तुरंत देने हैं।आरोपी ने भरोसा दिलाया कि यदि विक्रम रुद्र यह ₹9,600 सीधे दुकान में भेज देते हैं, तो वही रकम और कैटरिंग का एडवांस उनके मैनेजर को ऑफिस में दे दिया जाएगा।बराकर इलेक्ट्रिक ऑफिस, मेडिकल शॉप और स्थानीय इलाकों की विस्तृत जानकारी होने के कारण विक्रम रुद्र को उस पर संदेह नहीं हुआ। उन्होंने Google Pay के माध्यम से ₹9,600 ट्रांसफर कर दिए।हालांकि, पैसे भेजने के कुछ ही देर बाद आरोपी ने उनके मैनेजर को लगातार “5 मिनट में पहुंच रहा हूं” कहकर इंतजार करवाया और बाद में उसका फोन पूरी तरह बंद हो गया।
इसके बाद विक्रम रुद्र ने देखा कि आरोपी ने व्हाट्सएप से सभी चैट डिलीट कर दिए हैं, जिनमें भुगतान, कैटरिंग डील और पैसों की मांग से जुड़ी बातचीत शामिल थी।घटना पर दुख जताते हुए विक्रम रुद्र ने कहा,> “हम छोटे व्यवसायी लोग हैं और हमेशा ग्राहकों को भगवान मानते हैं। हमारे साथ पहले कभी ऐसा धोखा नहीं हुआ। आरोपी को इतनी स्थानीय जानकारी थी कि उस पर शक करना मुश्किल था।”घटना के तुरंत बाद उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, कुल्टी थाना को जानकारी दी तथा मामले के शीघ्र समाधान के लिए आसनसोल ADPC Cyber Crime विभाग पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।**ADPC Cyber Crime द्वारा जारी विवरण:*** **GDE नंबर:** 386* **तारीख:** 26/05/2026* **Cyber Acknowledgement Number:** 33205260042395विक्रम रुद्र ने पुलिस को बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स, स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए हैं।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रकम “साधुखान इलेक्ट्रॉनिक्स” नामक दुकान में भेजी गई थी, जिसके मालिक का नाम “सुकल्याण साधुखान” बताया जा रहा है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।विक्रम रुद्र ने आम लोगों से अपील की है कि वे ऐसे साइबर फ्रॉड से सतर्क रहें, विशेषकर उन लोगों से जो सरकारी कर्मचारी या स्थानीय परिचित बनकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।उन्होंने यह भी मांग की कि साइबर क्राइम शिकायत प्रक्रिया को आम लोगों के लिए और तेज तथा सरल बनाया जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।


