BARABANI-SALANPUR-CHITTARANJAN

सरकार बदलने के बाद भी नहीं थमा अवैध लॉटरी का काला कारोबार !

बंगाल मिरर, रिक्की बाल्मीकि : सालानपुर राज्य में बीते माह चुनाव परिणामों के बाद हुई सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बाद भी आसनसोल से सटे औद्योगिक क्षेत्र में ‘झारखंड लॉटरी’ के नाम से मशहूर अवैध लॉटरी का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। इस मामले ने अब स्थानीय पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की नाक के नीचे और कानून को ठेंगा दिखाकर यह सक्रिय सिंडिकेट कैसे काम कर रहा है, इसे लेकर रहस्य गहरा गया है।बीते चुनाव से पहले भी हुई थी बड़ी बरामदगीयह कोई पहला मौका नहीं है जब इस अवैध नेटवर्क का नाम सामने आया है।

गौरतलब है कि बीते विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुलिस और एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए नाका जांच में इस अवैध लॉटरी की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की थी। उस दौरान कई लाख रुपये के अवैध टिकट और नकदी जब्त की गई थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। चुनाव के समय दावों और वादों के बीच इस धंधे पर कुछ समय के लिए लगाम जरूर लगी थी, लेकिन चुनाव बीतते ही और सरकार बदलने के बावजूद यह सिंडिकेट दोबारा पूरी ताकत से सक्रिय हो गया है।कहाँ तक फैला है सिंडिकेट का जाल?प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवैध कारोबार का मुख्य केन्द्र कुल्टी माना जा रहा है। जहां से पूरा सिंडिकेट संचालन करने का मामला सामने आ रहा है।

कुल्टी थाना क्षेत्र के कुल्टी, नियामतपुर फाड़ी, चोरंगी फाड़ी एवं कल्याणेश्वरी समेत सालानपुर थाना क्षेत्र के देन्दुआ, सालानपुर, रूपनारायणपुर क्षेत्र के कई हिस्सों में अपना जाल फैला रखा है।कैसे होता है पूरा खेल!सरकारी वैध लॉटरी के ‘रिजल्ट’ (परिणामों) का इस्तेमाल करके दिन में तीन बार यह अवैध खेल खेला जाता है। यहाँ प्रति टिकट की कीमत महज 10 से 12 रुपये है। ज्यादा कमीशन के लालच में लॉटरी विक्रेता और रातों-रात अमीर बनने की चाह में आम खरीदार इस जाल में फंस रहे हैं। पूरी तरह अवैध होने के कारण इससे सरकार को कोई टैक्स (राजस्व) नहीं मिल रहा है। नियम के मुताबिक, जिस खरीदार का नंबर मैच होता है, उसे उसी खास विक्रेता से ही पुरस्कार की राशि लेनी होती है।

पर्दे के पीछे कौन?

सामने आए कई ‘कथित’ नामजांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन अवैध लॉटरी विक्रेताओं तक टिकट पहुँचाने के पीछे एक सुनियोजित सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसमें कथित तौर पर कुल्टी के दानिश और रॉबिन का नाम मुख्य बताया जा रहा है। वही इस पूरे बाजार में कथित तौर पर चंदन (निवासी चौरंगी) मुख्य रूप से सालानपुर, जेमाहारी, देन्दुआ और चौरंगी इलाके के खुदरा विक्रेताओं को टिकट सप्लाई कर अपना साम्राज्य चलाने का आरोप है। वही राजू (निवासी मिहिजाम) रूपनारायणपुर इलाके में अवैध झारखंड टिकट और ऑनलाइन बुकिंग के जरिए इस धंधे को कथित तौर पर ऑपरेट कर रहा है।

इसके अलावा नियामतपुर के कथित तौर पर संजय, अंतू, बबलू और उत्तम जैसे कई और नाम भी इस सिंडिकेट से जुड़े होने के संदेह के घेरे में हैं।पुलिस की नजरों से बचने और खरीदारों को लुभाने के लिए इस सिंडिकेट ने अब नई तकनीक अपनाई है। खरीदार अब अपनी पसंद का नंबर चुन सकते हैं, जिसे विक्रेता सीधे हाथ से लिखकर पर्ची दे देते हैं ताकि कोई डिजिटल सबूत न रहे।वार-पलटवार: राजनीतिक पारा चढ़ाअवैध लॉटरी रैकेट का मामला एक बार फिर गरमाने से आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं

भाजपा नेता अभिजीत राय ने कहा राज्य सरकार हर अवैध कारोबार को बंद करने का कड़ा निर्देश है। जनता खुद देख रही है कि जिन भ्रष्टाचारों का हम विरोध करते थे, वे अब कैसे पकड़े जा रहे हैं। इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।तृणमूल कांग्रेस जिला सचिव शुभाशीष मुखर्जी ने कहा कि वर्तमान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सत्ताधारी दल के हाथ में है। इन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त समाज का वादा किया था। सत्ता में आने के महज एक महीने के भीतर, और चुनाव से पहले हुई बड़ी बरामदगी के बावजूद, अगर झारखंड की यह अवैध लॉटरी फिर से फल-फूल रही है, तो साफ है कि संरक्षण कहाँ से मिल रहा है।पुलिस का दावा: जांच और छापेमारी जारी हैदूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अवैध धंधों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाते हैं। अतीत में और विशेषकर चुनाव के दौरान भारी मात्रा में लॉटरी टिकट जब्त किए गए थे और कई लोगों को सलाखों के पीछे भी भेजा गया था। आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी।पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुये संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही इस सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं को कानून के शिकंजे में कसने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।वही इस पूरे खुलाशे से इलाके में हड़कंप मच हुआ है।

Social Share or Summarize with AI

News Editor

Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *