तृणमूल का असली विपक्ष कौन है, यह जनता समझ नहीं पा रही”, हम भी भ्रमित हैं — मंत्री अग्निमित्रा पाल का कटाक्ष
“ *बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंद्योपाध्यायः* तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक चुनाव-चिह्न विवाद और 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। इसी बीच रविवार को आसनसोल में राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के आपसी संघर्ष से न केवल भाजपा बल्कि राज्य की आम जनता भी भ्रमित हो गई है।अग्निमित्रा पाल ने कहा, “चुनाव चिह्न किसे मिलेगा, यह उनके दल का आंतरिक मामला है। लेकिन हम भ्रमित हैं और राज्य के लोग भी भ्रमित हैं। हम हमेशा एक मजबूत विपक्ष चाहते थे। लेकिन अब यह समझना मुश्किल हो गया है कि असली विपक्ष कौन है।














विधानसभा में एक पक्ष सदन के अंदर रहता है, जबकि दूसरा पक्ष बाहर चला जाता है। यह स्थिति पूरी तरह भ्रम पैदा करने वाली है।”21 जुलाई के शहीद दिवस की सभा को लेकर तृणमूल के दोनों गुटों के बीच पैदा हुए विवाद पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। मंत्री ने कहा, “जो दल इतिहास के पन्नों में सिमट चुका है और जिसे बंगाल की जनता ने लगभग नकार दिया है, वह कहाँ सभा करेगा या कौन-सा गुट अनुमति मांगेगा, यह उनका विषय है। हालांकि यदि वे अनुमति मांगते हैं तो मुख्यमंत्री निश्चित रूप से अनुमति देंगी।
विपक्ष में रहते हुए हमें अपनी सभाओं की अनुमति के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ता था। अब कम से कम ऐसी स्थिति नहीं होगी। लेकिन सभा करने के लिए सभी नियमों का पालन करना होगा।”मंत्री अग्निमित्रा पाल की इस टिप्पणी को लेकर राज्य के राजनीतिक गलियारों में नया विवाद शुरू हो गया है। तृणमूल की आंतरिक राजनीतिक स्थिति और 21 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर जैसे-जैसे राजनीतिक माहौल गर्म हो रहा है, वैसे-वैसे सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होते जा रहे हैं।


