जेबीसीसीआई-12 के गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर जामुड़िया में सीटू का प्रदर्शन, बड़े आंदोलन की चेतावनी
*बंगाल मिरर, जामुड़िया, राजा बंद्योपाध्यायः* कोयला खदान श्रमिकों की विभिन्न मांगों, विशेष रूप से तत्काल जेबीसीसीआई-12 (JBCCI-12) के गठन की मांग को लेकर सोमवार को जामुड़िया में ईसीएल के कुनुस्तोरिया एरिया गेट पर सीटू की ओर से एक विरोध सभा आयोजित की गई। इस सभा में संगठन के नेताओं के साथ बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने ईसीएल प्रबंधन और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।सभा को संबोधित करते हुए सीटू नेता आभास राय चौधरी ने कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देती है, लेकिन जब श्रमिकों के अधिकारों की बात आती है तो सरकार श्रमिकों के साथ खड़ी दिखाई नहीं देती। उन्होंने सवाल उठाया कि जो संगठन खुद को श्रमिक हितैषी बताते हैं, वे जेबीसीसीआई-12 के गठन में हो रही देरी पर चुप क्यों हैं।














उन्होंने कहा कि जेबीसीसीआई-11 का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है, इसलिए बिना किसी देरी के जेबीसीसीआई-12 का गठन किया जाना चाहिए।सभा में सीएमएसआई के महासचिव मनोज दत्ता ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खराब कार्य परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी लापरवाही के कारण श्रमिकों की जान जा रही है। इसके बावजूद प्रबंधन श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रहा है

।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही जेबीसीसीआई-12 का गठन नहीं किया गया और श्रमिकों की अन्य मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सीटू आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र बनाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सांकतोड़िया स्थित ईसीएल मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।


