सरकारी नियमों को ताक पर रखकर काम! सालानपुर में नई सड़क को नुकसान पहुंचाकर निजी कंपनी द्वारा केबल बिछाने का आरोप, प्रशासन ने पुलिस भेजकर काम रुकवाया
*बंगाल मिरर, पांडवेश्वर, राजा बंदोपाध्यायः*सरकारी नियमों और आवश्यक अनुमति की अनदेखी करते हुए सड़क के किनारे एक निजी कंपनी द्वारा ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने का काम किए जाने का आरोप सामने आया है। भारी ड्रिल मशीनों से खुदाई के कारण हाल ही में बनी पक्की सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। इस घटना को लेकर आसनसोल के सालानपुर ब्लॉक के आमडांगा मोड़ क्षेत्र में लोगों के बीच भारी नाराजगी और चिंता फैल गई। स्थानीय निवासियों की शिकायत के बाद सालानपुर ब्लॉक प्रशासन सक्रिय हुआ।














शनिवार को बीडीओ के निर्देश पर सालानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फिलहाल केबल बिछाने का काम बंद करा दिया।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आमडांगा मोड़ इलाके में पिछले कई दिनों से एक निजी कंपनी द्वारा ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य चल रहा था। सरकारी नियमों के अनुसार, मुख्य सड़क से कम से कम 1 मीटर (लगभग 3 फुट) की दूरी पर केबल लाइन के लिए खुदाई की जानी चाहिए। लेकिन आरोप है कि कंपनी ने सभी नियमों को नजरअंदाज करते हुए सड़क के बिल्कुल किनारे ड्रिल मशीन से गड्ढे खोदने शुरू कर दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह सड़क से सटाकर खुदाई की जा रही है, उससे नई बनी सड़क जल्द ही कमजोर हो सकती है। इसके अलावा वर्तमान में मानसून का मौसम है। सड़क के किनारे गहरे गड्ढे होने के कारण बारिश का पानी मिट्टी को और नरम बना रहा है। इससे भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क धंसने और किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है।नाराज ग्रामीणों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही रूपनारायणपुर आमडांगा मोड़ से गौरांडी तक इस सड़क का निर्माण किया गया था।
हालांकि सड़क की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठे थे, फिर भी यह क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग है। ऐसे में किसी निजी कंपनी द्वारा अपने व्यावसायिक हित के लिए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ने के बाद इसकी सूचना ब्लॉक प्रशासन को दी गई। सालानपुर के बीडीओ ने मामले की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई की।
उनके निर्देश पर पुलिस को मौके पर भेजा गया और कार्य तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया।ब्लॉक प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि संबंधित निजी कंपनी के पास केबल बिछाने की वैध अनुमति है या नहीं। यदि अनुमति है भी, तो उसे किन शर्तों के तहत दिया गया था, इसकी भी जांच की जा रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्रशासन संबंधित कंपनी के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई करता है। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित निजी कंपनी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।


