ASANSOL

आसनसोल और दुर्गापुर में इस्कॉन की उल्टा रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब, मौसी के घर से मंदिर लौटे भगवान जगन्नाथ

*बंगाल मिरर, आसनसोल व दुर्गापुर, राजा बंदोपाध्याय एवं सौर्दीप्त सेनगुप्ता:*आठ दिनों तक मौसी के घर प्रवास के बाद शुक्रवार शाम उल्टा रथयात्रा के माध्यम से भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अपने मंदिर लौटे।शुक्रवार शाम आसनसोल इस्कॉन की उल्टा रथयात्रा चित्रा मोड़ स्थित पोलो ग्राउंड से निकाली गई। इस रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में आम लोग भी इसमें शामिल हुए। आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय ने रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आसनसोल इस्कॉन के प्रभु दयाचंद निताई दास भी उपस्थित थे।

यह उल्टा रथयात्रा पोलो ग्राउंड से शुरू होकर बर्नपुर रोड, भगत सिंह मोड़, सेनरेल रोड (विवेकानंद सरणी) होते हुए गाड़ुई स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। वहां श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया।वहीं, दुर्गापुर में भी उल्टा रथयात्रा के अवसर पर शुक्रवार को इस्कॉन की रथयात्रा में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आकबर रोड स्थित अस्थायी मौसी के घर से भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा का रथ दुर्गापुर इस्कॉन मंदिर के लिए रवाना हुआ।

इस अवसर पर दोपहर से ही रथ की एक झलक पाने और भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए दुर्गापुर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। हरिनाम संकीर्तन की धुन पर भक्त नाचते-गाते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए। भजन-कीर्तन और धार्मिक वातावरण से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

रथयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह और उमंग देखते ही बन रही थी।उत्सव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पूरी रथयात्रा मार्ग पर पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। उनकी सतर्कता के कारण उल्टा रथ का यह पारंपरिक उत्सव शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ।

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