डेंगू रोकने के लिए अग्निमित्रा पाल का कड़ा संदेश! ‘घर में पानी जमा हुआ तो खतरा’ आसनसोल के कुछ वार्डों में विशेष निगरानी
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* डेंगू के खिलाफ अब मैदान में उतरकर राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कड़ा संदेश दिया। शनिवार को आसनसोल में स्वच्छता संकल्प अभियान और डेंगू जागरूकता रैली में शामिल होकर उन्होंने आम लोगों को सतर्क किया। मंत्री ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। घर के आसपास एक बूंद पानी भी जमा नहीं होने देना है।आसनसोल नगर निगम की पहल पर तीन दिवसीय डेंगू रोकथाम एवं स्वच्छता कार्यक्रम के तहत शनिवार को यह जागरूकता रैली आयोजित की गई।














आसनसोल के एसबी गोराई रोड स्थित आसनसोल गांव के पास रामसायेर मैदान से महिशिला कॉलोनी तक निकाली गई इस रैली में अग्निमित्रा पाल सबसे आगे रहीं। रैली के दौरान उन्होंने राहगीरों और स्थानीय निवासियों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया।इस दौरान आसनसोल नगर निगम के नगर आयुक्त दिलीप मिश्रा, वन विभाग और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर निगम के सफाई कर्मचारी, स्वास्थ्यकर्मी, निर्मल बंधु, निर्मल साथी और वेक्टर कंट्रोल कर्मचारी भी रैली में शामिल हुए।
इस दिन अग्निमित्रा पाल ने कहा कि फिलहाल आसनसोल में डेंगू से संक्रमित लोगों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है, लेकिन स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर यह मैपिंग की जा रही है कि किन इलाकों या वार्डों से डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। उनका दावा है कि अब तक करीब 40 से 48 डेंगू संक्रमित मरीजों की जानकारी मिली है।
विशेष रूप से आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 82, 83 और 84 में संक्रमितों की संख्या तुलनात्मक रूप से अधिक होने के कारण इन इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है, मंत्री ने बताया। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति अस्पताल से घर लौटता है या किसी इलाके में बुखार के मामले की जानकारी मिलती है, तो वहां और अधिक सघन निगरानी तथा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जरूरत पड़ने पर स्थानीय निवासियों को मच्छरदानी देने की बात भी उन्होंने कही।अग्निमित्रा पाल ने आगे कहा कि घर के ड्रम, गमले, फ्रिज के पीछे का हिस्सा, निर्माणाधीन क्षेत्र या किसी अन्य स्थान पर पानी जमा न हो, यह सुनिश्चित करना होगा। जमा हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण है। इसलिए थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ी मुसीबत को जन्म दे सकती है।“डेंगू मुक्त आसनसोल, डेंगू मुक्त पश्चिम बंगाल” के लक्ष्य को सामने रखते हुए नगर एवं शहरी विकास मंत्री ने प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक से भी जागरूक और जिम्मेदार बनने की अपील की।


