बागेश्वर बाबा के पोस्टर और तस्वीर को अपमानित करने के आरोप में गिरफ्तार कांग्रेस नेता 4 दिन बाद आसनसोल जेल से रिहा
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्यायः* बागेश्वर बाबा उर्फ धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की तस्वीर और पोस्टर को अपमानित करने के आरोप में गिरफ्तार कांग्रेस नेता अरूप मुखोपाध्याय जमानत पर रिहा हो गए। गिरफ्तारी के चार दिन बाद बुधवार को उन्हें आसनसोल जेल से रिहा किया गया। मंगलवार शाम को आसनसोल अदालत के न्यायाधीश ने इस कांग्रेस नेता को जमानत दे दी थी। लेकिन शाम हो जाने के कारण मंगलवार को उन्हें जेल से रिहा नहीं किया जा सका।चार दिन जेल में रहने के बाद बुधवार को जैसे ही अरूप मुखोपाध्याय जेल से बाहर आए, मुख्य द्वार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान जोरदार नारेबाजी भी की गई। मौके पर आसनसोल नगर निगम के पूर्व पार्षद एस.एम. मुस्तफा, शाह आलम, विश्वनाथ यादव सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद थे।













जेल से बाहर निकलने के बाद अपनी गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार तथा वर्तमान सत्तारूढ़ दल भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को लगभग नष्ट किया जा रहा है। किसी भी मुद्दे पर विरोध करने पर विपक्ष की आवाज दबाकर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।उन्होंने कहा, “क्या हम किसी दूसरे राज्य के बाबा से दुर्गापूजा सीखेंगे? हम मांसाहारी खाना खाएंगे या शाकाहारी, यह भी दूसरे राज्य के बाबा तय करेंगे।
उस बाबा को यह पता नहीं है कि यह बंगाल स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती है।”उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस पार्टी के सांसद वीर योद्धा नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अपमान करते हैं, उस भाजपा से बंगाल के लोग और क्या उम्मीद करेंगे।घटना की शुरुआत कुछ दिन पहले हावड़ा में आयोजित एक सभा में बागेश्वर बाबा द्वारा दुर्गापूजा के दौरान मांसाहारी भोजन नहीं खाने को लेकर दिए गए बयान से हुई थी।
उनके उस बयान के विरोध में आसनसोल दक्षिण थाने के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। आरोप है कि इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा के पोस्टर भी जलाए थे।इस घटना के बाद भाजपा युवा मोर्चा की ओर से आसनसोल दक्षिण थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अरूप मुखोपाध्याय को उनके महिशीला कॉलोनी स्थित घर से गिरफ्तार किया था।

