ASANSOL

आसनसोल में भाजपा विधायक की पहल पर 10 दिवसीय ‘कलरिपयट्टु’ प्रशिक्षण शिविर शुरू, महिला आत्मरक्षा पर जोर

*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्यायः* आसनसोल सहित पश्चिम बर्दवान जिले और आसपास के इलाकों की महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के उद्देश्य से आसनसोल के पोलो मैदान के पास स्थित इंडोर स्टेडियम में गुरुवार से 10 दिवसीय ‘कलरिपयट्टु’ प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय की पहल पर आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में आसनसोल और आसपास के जिलों के विभिन्न इलाकों के अलावा अन्य राज्यों से भी लड़कियां शामिल हुई हैं।एक कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस. पोन्नाबलम, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणब कुमार, विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय, आसनसोल राइफल क्लब के पप्पू ढाल, आसनसोल महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ. स्वाति नंदी चक्रवर्ती सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।उद्घाटन समारोह में पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस. पोन्नाबलम ने कहा कि कलरिपयट्टु केरल की एक प्राचीन और पारंपरिक मार्शल आर्ट है। आज भी बड़ी संख्या में लोग इस मार्शल आर्ट को सीख रहे हैं और नियमित अभ्यास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से लेकर पेशेवर मार्शल आर्ट प्रशिक्षुओं तक के लिए यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है।जिलाधिकारी ने कहा कि आसनसोल के इंडोर स्टेडियम में विशेष रूप से लड़कियों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण का आयोजन एक अच्छी पहल है। इससे लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और पढ़ाई या काम के सिलसिले में बाहर निकलते समय विभिन्न परिस्थितियों का सामना करने में वे अधिक आत्मविश्वास महसूस कर सकेंगी।

आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय ने कहा कि महिला सशक्तीकरण और नारी शक्ति को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उनके अनुसार, हर महिला को अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा की तकनीक सीखना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे खुद अपनी सुरक्षा कर सकें।विधायक ने आगे कहा कि यह पहला प्रशिक्षण शिविर है।

भविष्य में हर छह महीने में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना है। केरल से करीब 10 प्रशिक्षकों की एक टीम आसनसोल आकर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रही है।उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल आत्मरक्षा की तकनीक सिखाना नहीं है। इसके माध्यम से महिलाओं और छात्राओं में मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास, अनुशासन और एकाग्रता विकसित करने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह का प्रशिक्षण पूरे पश्चिम बंगाल में शुरू किया जा सकेगा।

कृष्णेंदु मुखोपाध्याय ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के लिए शुरुआत में 160 प्रतिभागियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन लोगों की भारी रुचि के कारण करीब 200 से 250 पंजीकरण हुए हैं। वर्तमान में लगभग 180 प्रतिभागी प्रशिक्षण में शामिल हो रहे हैं। प्रशिक्षण के लिए किसी भी प्रतिभागी से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। आसनसोल स्पोर्ट्स क्लब एसोसिएशन के सहयोग से इस शिविर का आयोजन किया गया है।

प्रतिभागियों में आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों के अलावा पुरुलिया और झारखंड से भी कई लोग शामिल हुए हैं। अगले छह महीने के भीतर अगला प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसकी तारीख 10 अक्टूबर को घोषित की जाएगी।आसनसोल महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ. स्वाति नंदी चक्रवर्ती ने कहा कि हमारे कॉलेज में भी सितंबर महीने से कलरिपयट्टु प्रशिक्षण शुरू हुआ है।

कॉलेज के जीबी अध्यक्ष विधान मुखोपाध्याय और पश्चिम बर्दवान के विधायक के सहयोग से कॉलेज परिसर में ही छात्राओं के लिए इस प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिला सुरक्षा एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है। आत्मरक्षा, साहस और शारीरिक एवं मानसिक दृढ़ता बढ़ाने के लिए छात्राओं को इस तरह के प्रशिक्षण से जुड़ना चाहिए।

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