193 किलो गांजा तस्करी मामले में दोषी करार आसनसोल अदालत में तीन आरोपियों को सजा सुनाई गई
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* तीन साल पहले 193 किलो गांजा तस्करी के मामले में दोषी करार दिए गए तीन आरोपियों को आसनसोल अदालत के न्यायाधीश ने सजा सुनाई। तीनों के नाम रूबी पात्र उर्फ सुष्मिता प्रधान, बुलू महंत और कृतिवास पात्र हैं। इनमें से एक को 10 वर्ष और बाकी दो को 12 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। बुधवार को आसनसोल के एनडीपीएस कानून की स्पेशल कोर्ट-कम-अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तीसरी अदालत) ने यह सजा सुनाई।1985 के एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी)(2)(सी)/25/29 के तहत अपराध करने के लिए यह सजा सुनाई गई है।











न्यायाधीश ने आसनसोल उत्तर थाना कांड संख्या 365/2023 (दिनांक 04.09.2023) के मामले में दोषियों के खिलाफ सजा सुनाई।न्यायाधीश ने रूबी पात्र उर्फ सुष्मिता प्रधान को 10 (दस) वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें अतिरिक्त 6 (छह) महीने के कारावास का निर्देश दिया गया है।वहीं, बुलू महंत और कृतिवास पात्र को 12 (बारह) वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
इन दोनों को भी जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त 6 (छह) महीने के कारावास की सजा भुगतनी होगी।पुलिस और अदालत सूत्रों के अनुसार, 193 किलो से अधिक गांजा जब्त किए जाने की घटना के आधार पर आसनसोल अदालत में यह मामला शुरू हुआ था। एसआई सुभाष बंद्योपाध्याय मामले के पहले जांच अधिकारी (आईओ) थे। बाद में एसआई श्यामल चट्टोपाध्याय ने दूसरे जांच अधिकारी (आईओ) के रूप में मामले की जांच की।


