पूजा की भीड़ में बच्चों के लिए बराकर ट्रैफिक गार्ड पुलिस की अनोखी पहल अभिभावकों के मोबाइल नंबर लिखी रिबन पहनाने की सलाह
*बंगाल मिरर, बराकर (कुल्टी), राजा बंदोपाध्याय:* दुर्गापूजा की भीड़ में कोई बच्चा अपने परिवार के सदस्यों से बिछड़ न जाए, इस उद्देश्य से आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस के कुल्टी थाना अंतर्गत बराकर ट्रैफिक गार्ड पुलिस ने एक अनोखी पहल की है। आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर यह विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसके माध्यम से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पूजा की भीड़ में लापता होने वाले बच्चों को जल्द से जल्द उनके परिवार तक पहुंचाने की पहल की गई है।मंगलवार को बराकर बाजार में बराकर ट्रैफिक गार्ड के ओसी विनय लायक ने इस अभियान को चलाया। परिवार के साथ बाजार आए बच्चों को विशेष रिबन दिए जा रहे हैं। इस रिबन पर बच्चे के अभिभावक का मोबाइल नंबर लिखा जा रहा है।













इससे भीड़ में किसी कारणवश बच्चा अपने अभिभावक का हाथ छूटने के कारण उनसे बिछड़ जाता है, तो उसे ढूंढने और परिवार तक पहुंचाने में पुलिस को सुविधा होगी।इस संबंध में विनय लायक ने कहा कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर ही यह पहल शुरू की गई है। पूजा के मौसम में बराकर बाजार में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है। खरीदारी करने के दौरान कई बार भीड़ के दबाव में बच्चे अपने अभिभावकों से बिछड़ सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए बच्चों के गले में अभिभावक का मोबाइल नंबर लिखी रिबन पहनाई जा रही है।
यदि कोई बच्चा लापता हो जाता है, तो रिबन पर लिखे नंबर के माध्यम से उसके परिवार से जल्द संपर्क किया जा सकेगा।ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि दुर्गापूजा के साथ-साथ कालीपूजा और छठपूजा के दौरान भी यह पहल काफी कारगर साबित होगी। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों, पूजा पंडालों और सड़कों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बराकर ट्रैफिक गार्ड पुलिस की इस पहल की आम लोगों ने सराहना की है। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस के इस मानवीय और जनहितकारी कदम से अभिभावक भी खुश हैं। त्योहारों की खुशियों के बीच किसी परिवार को अपने बच्चे के खो जाने की आशंका का सामना न करना पड़े, इसी उद्देश्य से पुलिस की यह अनोखी पहल विशेष महत्व रखती है।

