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पोस्ट कोविड लक्षण या कमजोरी पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ की बताई ये बातें जरूर पढ़ें, जानिए देशभर में वैक्सीन का हाल

बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता: कोविड मरीज या कोविड से ठीक होने वाले मरीजों में अक्सर कमजोरी की समस्या आ रही है, या यूं कहें कि कई लोगों में पोस्ट कोविड के भी अलग-अलग लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे में इसकी वजह और वैक्सीनेशन से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के डॉ. सूर्यकांत से खास चर्चा के अंश पेश हैं….

पोस्ट कोविड में तीन तरह के होते हैं प्रभाव

कोविड के बाद आ रही कमजोरी की समस्या पर डॉ. सूर्यकांत कहते हैं कि ये एक तरह का पोस्ट कोविड सिंड्रोम है। इसे तीन भाग में बांटा जा सकता है। पहला, अगर कोविड पॉजिटिव हैं और हल्के लक्षण के बाद मरीज ठीक हो रहा है तो इसमें करीब तीन हफ्ते का समय लगता है। इसे कोविड फेज कहते हैं। अगर नेगेटिव रिपोर्ट आ गई है, फिर भी 3 हफ्ते से लेकर 3 महीने तक कोई लक्षण हैं तो उसे पोस्ट एक्यूट कोविड (Post acute covid) कहा जाता है। उसके 3 महीने से आगे भी यदि लक्षण होते हैं तो वह पोस्ट क्रोनिक कोविड (Post Chronic Covid) कहलाता है। इसमें अक्सर कमजोरी, थकान, चक्कर आना, घबराहट, पसीना निकलना और कभी-कभी बुखार जैसी समस्या सामने आती हैं।


क्यों आते हैं ऐसे लक्षण

डॉ. सूर्यकांत कहते हैं कि इसमें ज्यादातर कई बार लक्षण साइकोलॉजिकल (Psychological) होते हैं क्योंकि मरीज कोविड के बाद खौफ में रहता है। कुछ लोगों में कोरोना वायरस की वजह से शरीर में हार्मोनल चेंजेस भी होते हैं, इस वजह से भी ऐसे लक्षण सामने आते हैं। इसके अलावा जिन लोगों में बीमारी गंभीर होती है तो पोस्ट कोविड में उन्हें कुछ दिन सांस लेने में दिक्कत यानि थोड़ा ही चलने पर थकान होने लगती है। ऐसे में उन्हें सांस फूलने जैसी समस्या आती है, लेकिन घबराएं नहीं आराम करें, संतुलित और ताजा आहार लें। नियमित डाइट लेने से कुछ दिन में खुद-ब-खुद ठीक हो जाएंगे और यदि फिर भी परेशानी ज्यादा है तो डॉक्टर को दिखाएं।

बीते 24 घंटों में 3 लाख 38 हजार 439 लोग स्वस्थ हुए हैं। इसमें से 10 राज्यों से कुल 73.4% मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन राज्यों के अंतर्गत महाराष्ट्र में सर्वाधिक (65,934), उत्तर प्रदेश (38,683), केरल (26,148), कर्नाटक (24,714), तमिलनाडु (19,112), दिल्ली (18, 788) और पश्चिम बंगाल से (16,547) कोविड मरीज ठीक हुए हैं।

पीएम केयर फंड के तहत दो ऑक्सीजन प्लांटस लगाए गए

देश की राजधानी दिल्ली में बीते दिन प्रधानमंत्री राहत कोष फंड के तहत 2 हाई फ्लो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इसमें से एक प्लांट एम्स में जबकि दूसरे को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में लगाया गया है। इन दोनों प्लांटस पर आज से ऑक्सीजन की सप्लाई कोविड मरीजों के लिए शुरू की जा चुकी है।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 17 करोड़ वैक्सीन दी गईं

देश में अबतक 17 करोड़ से ज्याद वैक्सीन की खुराकें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्र सरकार द्वारा दी जा चुकी हैं। इसमें महाराष्ट्र को सर्वाधिक 1 करोड़, 72 लाख, 62 हजार 470 खुराकें, उत्तर प्रदेश को 1 करोड़, 45 लाख, 81 हजार 270 खुराकें, राजस्थान को 1 करोड़, 39 लाख, 12 हजार, 360 खुराकें, गुजरात को 1 करोड़, 36 लाख, 71 हजार, 790 खुराकें, पश्चिम बंगाल 1 करोड़, 13 लाख, 83 हजार, 340 खुराकें और कर्नाटक को 1 करोड़, 4 लाख, 26 हजार, 900 खुराकें केंद्र सरकार द्वारा मुफ्त दी जा चुकी हैं। इसके अलावा 36 लाख से अधिक डोजों को अभी राज्यों को और दिया जाना है, जिसकी प्रक्रिया पाइपलाइन में है।

किस राज्य में कितनी खुराकें उपलब्ध

उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 11 लाख, 31 हजार, 551 खुराकें, महाराष्ट्र में 8 लाख, 17 हजार, 38 खुराकें, मध्य प्रदेश में 6 लाख, 88 हजार, 619 खुराकें, झारखंड में 5 लाख, 13 हजार, 193 खुराकें, दिल्ली में 3 लाख, 58 हजार, 474 खुराकें और बिहार में 6 लाख, 41 हजार, 219 खुराकें फिलहाल उपलब्ध हैं।

जानें, बीते 24 घंटों में देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा

कोरोना के खिलाफ देश भर में चल रहे टीकाकरण अभियान में भारत दिन- प्रतिदिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। टीकाकरण में आई यह तेजी, इस देश को न सिर्फ आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है, बल्कि वैश्विक पटल पर इस वायरस के प्रति चल रही लड़ाई को और अधिक मजबूती व सकारात्मकता प्रदान कर रही है। भारत में अब तक कुल 16 करोड़ 04 लाख 94 हजार 188 से भी ज्यादा लोगों को कोरोना वायरस का टीका लगाया जा चुका है। देश में चलाये जा रहे टीकाकरण के 109वें दिन यानि कि 04 अप्रैल को देशभर में 14 लाख से अधिक लोगों को यह टीका लगाया गया है। इस दौरान कुल 7 लाख 80 हजार से ज्यादा लोगों को पहली डोज जबकि 7 लाख 04 हजार से ज्यादा लोगों को दूसरी डोज लगाई गई है।

इसके अलावा बीते 24 घंटों में कुछ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी मौत नहीं हुई है। इनमें दमन-दीव, दादरा और नागर हवेली, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, लक्षद्वीप, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

राष्ट्रीय टीकाकरण के मामले में भारत बना नंबर-1

देशभर में 16 करोड़ से अधिक लोगों के टीकाकरण करने में भारत विश्व का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने यह कारनामा सबसे तेज गति से किया है। भारत ने यह कारनामा 109 दिनों में किया है. विश्व स्तर पर बात करें तो भारत के बाद इस सूची में अमेरिका(111 दिन), और चीन आते हैं।

हेल्थ केयर वर्कर्स

हेल्थ केयर वर्कर्स की बात करें तो अभी तक कुल 94 लाख 62 हजार 505 लोगों को पहली खुराक, जबकि 63 लाख, 22 हजार, 055 लोगों को दूसरी खुराक दी जी चुकी है। कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान में सरकार की मुस्तैदी और लोगों के पारस्परिक सहयोग के चलते 1 करोड़ 35 लाख, 65 हजार से भी ज्यादा फ्रंटलाइन वर्कर्स को इस टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं इसी श्रेणी में 73 लाख, 32 हजार, 999 लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है।

18 से 44 वर्ग के इतने लोगों को लगी वैक्सीन

देश में बीते 24 घंटे में 18 से 44 आयुवर्ग के कुल 2 लाख, 63 हजार, 651 नागरिकों को वैक्सीन लगाई गई है। इसके अलावा अगर कुल आंकड़ों की बात करें तो देश में इसी आयुवर्ग के 6 लाख, 71 हजार, 285 नागरिकों को 1 मई से शुरू हुए टीकाकरण के तीसरे चरण के अंतर्गत अबतक टीका लगाया जा चुका है।

45 से 60 वर्ष की आयु वर्ग के इतने नागरिकों को लगी वैक्सीन

45 से 60 वर्ष के आयुवर्ग के नागरिकों की बात करें तो कुल 4 करोड़ 35 लाख, 25 हजार 687 से भी अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगाया जा चुका है, जबकि इसी आयुवर्ग के 14 लाख 95 हजार 656 लोगों को दूसरा टीका भी लगाया जा चुका है।

वरिष्ठ नागरिकों की रही है संपूर्ण भागीदारी

सीनियर सिटीजन यानी कि वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा भी इस टीकाकरण अभियान में सरकार को भरपूर सहयोग मिल रहा है। 60 वर्ष से ऊपर की उम्र के 5 करोड़ 29 लाख, 50 हजार से भी ज्यादा नागरिकों को इस टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है, जबकि 1 करोड़, 23 लाख, 85 हजार से भी अधिक वरिष्ठजनों को इस टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है।

राज्यवार यह है आंकड़ा

राज्यों की अगर बात करें तो महाराष्ट्र में अब तक 1 करोड़ 37 लाख, राजस्थान में 1 करोड़ 10 लाख, यूपी में 1 करोड़ 5 लाख, गुजरात में 1 करोड़ 3 लाख से भी ज्यादा लोगों को कोरोना का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं केंद्रशासित प्रदेशों की सूची की अगर बात करें तो दिल्ली में 27 लाख, पुड्डुचेरी में 1.72 लाख, नागालैंड में 1.65 लाख, लद्दाख में 77 हजार, लक्षदीप में 19 हजार से भी अधिक लोगों को इस टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है।

दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में 61 लाख, आंध्र प्रदेश में 67 लाख, ओडिशा में 59 लाख, केरल में 75 लाख, कर्नाटक में 98 लाख से अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों की सूची के तहत मणिपुर में 2.91 लाख, मेघालय में 3.14 लाख, त्रिपुरा में 13.01 लाख, अरुणाचल प्रदेश में 2.56 लाख से भी ज्यादा नागरिकों को टीका लगाया जा चुका है।

इन दस राज्यों को मिली 66.86% वैक्सीन

देशभर में कुल वैक्सीन की 66.86% डोज 10 राज्यों में लगाई गई है, जिसमें महाराष्ट्र (10.29%), राजस्थान (8.40%), उत्तर प्रदेश (8.12%), गुजरात (8.14%), पश्चिम बंगाल (7.09%), कर्नाटक (6.20), मध्य प्रदेश (5.14), केरल (4.72%), बिहार (4.57%) और आंध्र प्रदेश (4.20%) शामिल हैं।

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News Editor

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