Mamata Banerjee का पीएम मोदी को पत्र, इस फैसले को रोकें, लागू करने से पहले संसद में करें चर्चा
बंगाल मिरर, कोलकाता : तीन विवादास्पद भारतीय न्याय संहिता ( 2023 ), भारतीय साक्ष्य अधिनियम ( 2023 ) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ( 2023 ) को तुरंत लागू न करें। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक नैतिक तौर पर केंद्र को अभी यह कानून लागू नहीं करना चाहिए। पिछले साल के अंत में, केंद्र ने पुराने आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक पारित किया। ये तीनों विधान मिलकर न्याय संहिता कहलाते हैं। इस नए कानून के लागू होने पर विपक्ष ने कई आपत्तियां जताई हैं. लेकिन केंद्र ने उन आपत्तियों को खारिज कर दिया था बताया गया था कि 1 जुलाई को वो तीनों कानून देशभर में प्रभावी हो जाएंगे।











तृणमूल सुप्रीमो ने शुरू से ही इस कानून के लागू होने पर आपत्ति जतायी है। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के अनुसार, दंड संहिता अधिनियम पारित होने के दौरान अधिकांश सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। इस कानून पर ठीक से चर्चा नहीं हुई है। यदि यह कानून लागू हो गया तो पुलिस राज की स्थापना हो जायेगी. इसके अलावा इस कानून में कई खामियां भी हो सकती हैं. कानून की विभिन्न धाराओं में विसंगतियां हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने पीए नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में उस आपत्ति को दोहराया. ममता बनर्जी का स्पष्ट कहना है कि नैतिक रूप से सरकार को यह कानून लागू नहीं करना चाहिए। कम से कम 1 जुलाई तक इस कानून को लागू न करके समय सीमा को पीछे कर देना चाहिए। इसे लेकर संसद में चर्चा हो।



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