SAIL-ISP बर्नपुर में ट्रेड यूनियन चुनाव का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने 3 माह में चुनाव कराने का दिया आदेश
बंगाल मिरर, बर्नपुर: SAIL-IISCO Steel Plant (ISP), बर्नपुर में लंबे समय से लंबित ट्रेड यूनियन चुनाव का रास्ता अब साफ हो गया है। माननीय कलकत्ता उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने बुधवार (1 जुलाई 2026) को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए तीन माह के भीतर ट्रेड यूनियन चुनाव संपन्न कराने का निर्देश दिया है।इस फैसले का स्वागत करते हुए बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (BIKS), जो भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध है, ने इसे कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बड़ी जीत बताया है।














संघ का कहना है कि इस आदेश के बाद पहली बार SAIL-ISP के कर्मचारियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत मतदान कर अपने प्रतिनिधियों का चयन करने का अवसर मिलेगा।संघ के अनुसार, ट्रेड यूनियन चुनाव को लेकर न्यायालय पहले भी कई महत्वपूर्ण आदेश दे चुका है। 24 फरवरी 2025 को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहली बार चीफ लेबर कमिश्नर (सेंट्रल) के माध्यम से चुनाव कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद 25 सितंबर 2025 को राज्य प्रशासन के माध्यम से चुनाव कराने का आदेश जारी किया गया।
अब 1 जुलाई 2026 को डिवीजन बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि तीन माह के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाए।BIKS का कहना है कि यह फैसला औद्योगिक लोकतंत्र, पारदर्शिता और श्रमिक अधिकारों को मजबूत करेगा तथा वर्षों से लंबित चुनाव प्रक्रिया को न्यायिक संरक्षण प्रदान करेगा।संघ के महासचिव संजीत बनर्जी ने कहा, “यह फैसला SAIL-ISP के प्रत्येक कर्मचारी की जीत है। पहली बार कर्मचारियों को मतदान के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन करने का अवसर मिलेगा। हमें विश्वास है कि इससे औद्योगिक लोकतंत्र और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। हमारा यह भी मानना है कि पूर्व में कुछ ट्रेड यूनियनों तथा तत्कालीन श्रम मंत्री मलय घटक की कार्यवाहियों के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित और विलंबित हुई थी। हम उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हैं और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव संपन्न कराने में सहयोग की अपील करते हैं।”
बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ ने कहा कि वह भविष्य में भी कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों, पारदर्शी ट्रेड यूनियन व्यवस्था और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।हालांकि, इस मामले में अन्य ट्रेड यूनियनों या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।


