दुर्गापुर में ड्यूटी के दौरान श्रमिक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर शव रोककर प्रदर्शन
*बंगाल मिरर, चरण मुखर्जी, दुर्गापुर, 2 जुलाई*: कार्य के दौरान अचानक बीमार पड़ने से एक श्रमिक की मौत के बाद गुरुवार को दुर्गापुर के एक निजी कारखाने परिसर में तनाव फैल गया। मृत श्रमिक के परिजनों ने शव को कारखाने के सामने रखकर मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही कोकओवन थाना पुलिस मौके पर पहुंची।घटना का विवरण:कोकओवन थाना क्षेत्र के अंतर्गत डीपीएल प्रशासनिक भवन के समीप स्थित एक निजी कारखाने में काम करने के दौरान ठेका श्रमिक अचानक बीमार हो गया। आरोप है कि कारखाने के भीतर ही उसकी मृत्यु हो गई। घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और अन्य श्रमिक बड़ी संख्या में कारखाना परिसर में पहुंच गए।














प्रदर्शन और मांगें:प्रदर्शनकारियों ने शव को कारखाने के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को कारखाने में नौकरी दी जाए। लंबे समय तक प्रदर्शन चलने के बाद कोकओवन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।प्रबंधन का बयान:इस संबंध में कारखाना प्रबंधन ने कहा, “यह घटना अत्यंत दुखद है। मृतक के परिवार के साथ बातचीत चल रही है। नियमों के अनुसार जो भी आवश्यक होगा, वह किया जाएगा।”
उठ रहे हैं सवाल:इस ठेका श्रमिक की मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि ईएसआई तथा अन्य सरकारी सुविधाओं के बिना ठेकेदार किस प्रकार श्रमिकों से काम करवा रहे हैं।श्रमिक संगठनों का आरोप है कि अधिकांश निजी कारखानों में ठेका श्रमिकों को न्यूनतम सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। परिणामस्वरूप दुर्घटना या बीमारी के कारण मृत्यु होने पर उनके परिवारों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल कारखाना परिसर में पुलिस बल तैनात है।


